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जनगणना 2027: लद्दाख, जम्मू‑कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड में ऑनलाइन स्व‑गणना शुरू

17/8/2026, 4:43:05 am
जनगणना 2027: लद्दाख, जम्मू‑कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड में ऑनलाइन स्व‑गणना शुरू
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जनगणना 2027 का पहला चरण आज से लद्दाख, जम्मू‑कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में शुरू हो गया। नागरिक अब घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल पर अपने परिवार का ब्योरा दर्ज करा सकते हैं। पोर्टल पर मोबाइल नंबर और ओटीपी से लॉगिन करना होता है। इसके बाद 40 सवालों का एक फॉर्म खुलता है जिसमें मुखिया का नाम, सदस्यों की संख्या, उम्र, लिंग, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, पेशा, धर्म और जाति जैसे विवरण मांगे जाते हैं। जाति का प्रश्न पहली बार डिजिटल रूप में पूछा जा रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों में खासी चर्चा है। पहाड़ी राज्यों में इंटरनेट की सीमित पहुंच को देखते हुए विभाग ने ऑफलाइन मोड भी रखा है। जहां नेटवर्क नहीं है, वहां गणनाकर्मी टैबलेट लेकर घर‑घर जाएंगे और डेटा बाद में सर्वर पर अपलोड करेंगे। हिमाचल और उत्तराखंड के दूरदराज ब्लॉकों के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। जनगणना आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्व‑गणना पूरी तरह स्वैच्छिक है। जो परिवार ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पाएंगे, उनके लिए बाद में पारंपरिक घर‑घर गणना का विकल्प खुला रहेगा। डेटा की सुरक्षा के लिए एंड‑टू‑एंड एन्क्रिप्शन का उपयोग किया जा रहा है। इस चरण का उद्देश्य डिजिटल गणना की व्यावहारिकता परखना है। प्राप्त परिणामों के आधार पर 2027 की मुख्य जनगणना के लिए देशव्यापी रणनीति तैयार होगी। पहले दिन दोपहर तक चारों राज्यों में हजारों प्रविष्टियाँ दर्ज हो चुकी थीं। अधिकारी बताते हैं कि पोर्टल पर हिंदी, अंग्रेजी और स्थानीय भाषाओं में निर्देश दिए गए हैं ताकि हर नागरिक आसानी से समझ सके। किसी भी तकनीकी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। जनगणना के आंकड़े नीति निर्माण, संसाधन आवंटन और सामाजिक योजनाओं के लिए आधार बनते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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