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चंपारण के किसान ने मशीन से बदली डेयरी की तस्वीर, सालाना 15 लाख की कमाई

10/9/2026, 7:13:54 am
चंपारण के किसान ने मशीन से बदली डेयरी की तस्वीर, सालाना 15 लाख की कमाई
चंपारण जिले के एक छोटे गाँव में रहने वाले किसान राजेश कुमार ने अपनी डेयरी को नई दिशा दी है। पहले वह हाथ से दूध निकालते थे और दिन में केवल 30 लीटर दूध बेच पाते थे। मजदूरों की कमी और गर्मी में दूध खराब होने की समस्या से वे परेशान थे। पिछले साल उन्होंने सरकारी सब्सिडी की मदद से एक ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन खरीदी। मशीन लगते ही दूध निकालने की रफ्तार तीन गुनी हो गई और साफ़‑सफाई भी बेहतर हुई। अब वे रोज़ाना 80 से 90 लीटर दूध निकालकर स्थानीय बाज़ार और सहकारी समिति को बेचते हैं। दूध का दाम 55 रुपये प्रति लीटर मिलने से महीने की आमदनी 1.2 लाख रुपये के पार चली गई। साल भर में यह आंकड़ा 15 लाख रुपये को पार कर गया, जो उनके परिवार के लिए बड़ी राहत है। राजेश बताते हैं कि मशीन ने न केवल समय बचाया बल्कि पशुओं की सेहत भी सुधारी है। दूध में बैक्टीरिया की मात्रा घटी है, जिससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ा और ऑर्डर भी बढ़े। गाँव के दूसरे किसान भी अब इस तकनीक को अपनाने की सोच रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ कहते हैं कि छोटे पैमाने पर मशीन लगाना लाभदायक होता है। उनके अनुसार, सही रखरखाव और बिजली की व्यवस्था होने पर मशीन 8‑10 साल चल सकती है। राजेश अब अपने बेटे को भी डेयरी कारोबार में लगाना चाहते हैं ताकि आमदनी और बढ़े। राजेश ने बताया कि मशीन की कीमत 2.5 लाख रुपये थी, जिसमें 40 फीसदी सब्सिडी मिली। बाकी रकम उन्होंने अपनी बचत और बैंक लोन से चुकाई, जिसे अब वे मुनाफे से चुका रहे हैं। मशीन में सेंसर लगे हैं जो दूध की मात्रा, तापमान और गुणवत्ता को रिकॉर्ड करते हैं। यह डेटा मोबाइल ऐप पर दिखता है, जिससे वे दूर से भी नज़र रख सकते हैं। गाँव की महिला स्वयं‑सहायता समूह ने भी दूध संग्रह में मदद शुरू की है। इससे महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी मिली और गाँव की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। जिला प्रशासन अब इस मॉडल को अन्य ब्लॉक में भी दोहराने की योजना बना रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीक और प्रशिक्षण के मेल से ग्रामीण आय दोगुनी हो सकती है। राजेश अब अपने खेत में बायोगैस प्लांट लगाने की सोच रहे हैं ताकि ऊर्जा खर्च घटे। उनका मानना है कि नवाचार और परिश्रम से खेती भी लाभ का कारोबार बन सकती है। समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

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