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सावन में चंपारण के शिवालयों की भव्य सजावट, भक्तों का उमड़ा सैलाब

17/8/2026, 12:48:00 am
सावन में चंपारण के शिवालयों की भव्य सजावट, भक्तों का उमड़ा सैलाब
सावन का महीना शुरू होते ही चंपारण के शिवालयों में भक्तों की भीड़ बढ़ गई है। जिले के प्रमुख मंदिरों में विशेष सजावट और पूजा‑अर्चना का आयोजन किया गया है। बेतिया स्थित बाबा बैजनाथ मंदिर, मोतिहारी के बाबा विश्वनाथ मंदिर और आसपास के गांवों में स्थित छोटे‑छोटे शिवालयों को फूलों, बेलपत्र और रंग‑बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। मंदिर के पुजारी रामकृष्ण शर्मा ने बताया कि इस बार सावन में बारिश की कमी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि रोजाना सुबह‑शाम आरती और भजन‑कीर्तन का कार्यक्रम चल रहा है। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस बल और स्वयंसेवक मंदिर परिसर में तैनात हैं ताकि भक्त बिना किसी बाधा के दर्शन कर सकें। रात को मंदिर परिसर में लाउडस्पीकर पर भजन बजते हैं और श्रद्धालु हाथ में दीपक लेकर परिक्रमा करते हैं। कई परिवार पैदल यात्रा करके मंदिर पहुंच रहे हैं, जबकि कुछ लोग निजी वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। मंदिर प्रबंधन ने प्रसाद वितरण, पेयजल और छाया की व्यवस्था भी की है, ताकि गर्मी में भक्तों को आराम मिले। स्वयंसेवी संगठन भी मुफ्त भोजन और चिकित्सा शिविर चला रहे हैं। स्थानीय नेता और समाजसेवी भी मंदिरों में जाकर आशीर्वाद ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिवालयों की यह भव्य सजावट क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रही है। चंपारण के शिवालयों में उमड़ी भीड़ और भक्ति का माहौल देखकर लगता है कि सावन का पर्व यहां की जनता के लिए आस्था का सबसे बड़ा उत्सव बन चुका है। एक स्थानीय श्रद्धालु राधेश्याम ने बताया कि वह हर साल पैदल यात्रा करके बाबा बैजनाथ के दर्शन करते हैं और इस बार भी उनकी आस्था में कोई कमी नहीं आई है। मंदिर परिसर में शाम को लोकगीत और नृत्य का आयोजन होता है, जिसमें गांव के युवा और बुजुर्ग दोनों भाग लेते हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सावन के दौरान प्रसाद, फूल और पूजा सामग्री की बिक्री में 30‑40 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। पर्यावरण के लिहाज से मंदिर प्रबंधन ने प्लास्टिक मुक्त परिसर बनाने का अभियान शुरू किया है और श्रद्धालुओं से कूड़ा सही जगह डालने की अपील की जा रही है। समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

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