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चीन ने भारतीयों के लिए कड़े किए बिजनेस वीजा नियम, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर सबसे ज्यादा मार

21/8/2026, 1:08:41 am
चीन ने भारतीयों के लिए कड़े किए बिजनेस वीजा नियम, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर सबसे ज्यादा मार
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चीन ने भारतीय नागरिकों के लिए बिजनेस वीजा जारी करने के नियम कड़े कर दिए हैं। चीनी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों ने नई गाइडलाइन जारी की है जिसके तहत अब आवेदकों को ज्यादा दस्तावेज जमा करने पड़ रहे हैं। साथ ही, वीजा की अवधि और एंट्री की संख्या भी सीमित की गई है। सबसे ज्यादा असर इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल कंपोनेंट आयात करने वाली भारतीय कंपनियों पर पड़ा है। ये कंपनियां हर महीने सैकड़ों इंजीनियर और खरीद प्रबंधक चीन भेजती थीं। नए नियमों के बाद उनके दौरे रुक गए हैं। उद्योग संगठनों के मुताबिक, पिछले दो महीने में वीजा रिजेक्शन रेट 40 फीसदी तक बढ़ा है। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने बताया कि शेनझेन और डोंगगुआन की फैक्ट्रियों में क्वालिटी चेक और नए प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए भारतीय टीमों का जाना जरूरी होता है। वीजा न मिलने से प्रोडक्शन लाइनें अटकी पड़ी हैं। कई ऑर्डर रद्द होने की कगार पर हैं। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, भारत ने इस मसले को राजनयिक चैनलों से उठाया है। बीजिंग में भारतीय दूतावास ने चीनी विदेश मंत्रालय के सामने कारोबारी दिक्कतें रखी हैं। हालांकि चीन की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। जानकारों का कहना है कि चीन का यह कदम दोनों देशों के व्यापार असंतुलन और सीमा विवाद की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। पिछले वित्त वर्ष में भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार 118 अरब डॉलर रहा था, जिसमें भारत का व्यापार घाटा 83 अरब डॉलर का था। उद्योग जगत मांग कर रहा है कि सरकार चीन से बातचीत तेज करे। साथ ही, वैकल्पिक सप्लाई चेन विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। फिलहाल, छोटी और मझोली कंपनियों के लिए हालात ज्यादा मुश्किल हैं क्योंकि उनके पास चीन के विकल्प तलाशने के संसाधन नहीं हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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