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कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ के दो अंतरे गाने का फ़ैसला लिया, 1937 का प्रस्ताव आधार

20/8/2026, 2:57:58 pm
कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ के दो अंतरे गाने का फ़ैसला लिया, 1937 का प्रस्ताव आधार
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कांग्रेस कार्य समिति ने तय किया है कि पार्टी के हर कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे ही गाए जाएंगे। यह फैसला नौ दशक पुराने प्रस्ताव के हवाले से लिया गया है। 1937 में कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में पारित प्रस्ताव में कहा गया था कि राष्ट्रगान के रूप में केवल दो अंतरे ही उपयुक्त हैं। उसी प्रस्ताव को आधार बनाकर अब कार्य समिति ने नई व्यवस्था लागू की है। बीजेपी ने इस कदम पर सवाल उठाए हैं। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस इतिहास को अपने हिसाब से तोड़‑मरोड़ रही है। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस अब राष्ट्रगान को भी सीमित करना चाहती है? कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव का मकसद कभी भी पूरे गीत को रोकना नहीं था, बल्कि समय की कमी और कार्यक्रम की व्यावहारिकता को देखते हुए दो अंतरे गाने की परंपरा बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसी राजनीतिक दबाव में नहीं लिया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे पर दोनों दल अपने‑अपने वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। वंदे मातरम् पर विवाद पहले भी उठ चुका है, लेकिन इस बार यह कांग्रेस के आंतरिक निर्णय के रूप में सामने आया है। आगे देखना होगा कि क्या यह व्यवस्था पार्टी के सभी राज्यों में समान रूप से लागू होती है या फिर स्थानीय इकाइयाँ अपनी सुविधा के अनुसार बदलाव करती हैं। फिलहाल कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि प्रस्ताव का पालन सभी कार्यक्रमों में अनिवार्य होगा। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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