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भारत

कूपर अस्पताल में बुर्का पहनने पर रोक का आरोप, सियासत गरमाई

1/9/2026, 5:16:54 am
कूपर अस्पताल में बुर्का पहनने पर रोक का आरोप, सियासत गरमाई
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मुंबई के कूपर अस्पताल में रविवार को दो महिलाओं ने आरोप लगाया कि बुर्का पहनने के कारण उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। दोनों इलाज के लिए आई थीं और सुरक्षा गार्ड ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। महिलाओं ने मीडिया को बताया कि गार्ड ने कहा, "बुर्का पहनकर अंदर नहीं जा सकतीं"। उन्होंने इसे धार्मिक भेदभाव बताया और कहा कि उन्हें अपमानित महसूस हुआ। मामला सामने आते ही विपक्षी दलों ने हमला बोला। कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने अस्पताल प्रशासन और राज्य सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया कि यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है, जबकि एनसीपी ने तुरंत जांच की मांग की। अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को खारिज किया। डीन ने कहा कि कोई ड्रेस कोड नीति नहीं है और गार्ड ने शायद गलतफहमी में रोका होगा। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस ने कहा कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी। अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे महिलाओं की आजादी पर हमला बताया और स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने की मांग की। इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर पहनावे को लेकर फिर से बहस छेड़ दी है। पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं। नागरिक समाज चाहता है कि अस्पताल जैसे स्थानों पर सभी के लिए समान प्रवेश सुनिश्चित हो। दोनों महिलाओं ने अपने नाम नहीं बताए, लेकिन उन्होंने कहा कि वे पहले भी इसी अस्पताल में इलाज करा चुकी हैं और कभी ऐसी रोक नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि अस्पताल प्रबंधन लिखित माफी दे और गार्ड के खिलाफ कार्रवाई करे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने बयान जारी कर कहा कि यह घटना महाराष्ट्र की सांप्रदायिक सद्भाव को ठेस पहुंचाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की और कहा कि अस्पताल के सभी कर्मचारियों को संवेदनशीलता प्रशिक्षण दिया जाए। एनसीपी की महिला मोर्चा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बुर्का पहनना किसी महिला का व्यक्तिगत अधिकार है और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह का भेदभाव अस्वीकार्य है। उन्होंने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय दिशानिर्देश बनाने की मांग की। विधि विशेषज्ञों ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 15 और 21 के तहत धर्म, जाति या लिंग के आधार पर सार्वजनिक सेवाओं में भेदभाव प्रतिबंधित है। यदि जांच में दोष सिद्ध होता है तो अस्पताल पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से ट्रेंड कर रहा है। हजारों यूजर्स ने हैशटैग #CooperHospitalBurqa के साथ अपनी राय व्यक्त की और अस्पताल प्रशासन से पारदर्शी जांच की मांग की। फिलहाल अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। जांच जारी है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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