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दिल्ली हॉस्टल ढहने के चश्मदीद छात्रों ने बताई आपबीती

6/9/2026, 4:21:52 pm
दिल्ली हॉस्टल ढहने के चश्मदीद छात्रों ने बताई आपबीती
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दिल्ली के एक इलाके में शनिवार रात एक पुरानी इमारत ढह गई। इमारत में कई पीजी हॉस्टल चल रहे थे जहां दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र रहते हैं। हादसे में कई छात्र घायल हुए और कुछ को अस्पताल ले जाया गया। मौके पर मौजूद छात्रों ने बीबीसी को बताया कि इमारत की दीवारों में कई दिनों से दरारें दिख रही थीं। उन्होंने कहा कि मकान मालिक ने मरम्मत नहीं करवाई, जबकि शिकायत कई बार की गई थी। एक छात्रा ने कहा, "हम रात को सो रहे थे जब अचानक तेज आवाज आई और छत गिरने लगी। हम भागे और किसी तरह बाहर निकले।" दूसरे छात्र ने बताया कि बिजली कट गई थी और अंधेरे में निकलना मुश्किल था। पुलिस और दमकल की टीम तुरंत पहुंची और मलबे से लोगों को निकालने का काम शुरू किया। अब तक 12 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। अधिकारी ने कहा कि जांच जारी है और दोषियों पर कार्रवाई होगी। स्थानीय निवासियों ने मांग की कि पुरानी इमारतों की नियमित जांच हो और पीजी हॉस्टल के लिए सुरक्षा मानक तय किए जाएं। छात्र संगठनों ने भी प्रशासन से जल्द कदम उठाने की अपील की। इस घटना ने फिर से शहरी इलाकों में असुरक्षित आवास की समस्या को सामने ला दिया है। छात्रों का कहना है कि उन्हें सुरक्षित रहने का अधिकार है और प्रशासन इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता। प्रशासन ने घटना के बाद इलाके की सभी पुरानी इमारतों का सर्वे शुरू कर दिया है। नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि अगले सप्ताह तक रिपोर्ट तैयार होगी। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ ने एक बयान जारी कर मांग की कि सभी पीजी हॉस्टल के लिए अग्नि सुरक्षा और भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र अनिवार्य किए जाएं। स्थानीय विधायक ने कहा कि सरकार जल्द ही एक नया बिल लाएगी जिसमें पुरानी इमारतों के मालिकों को नियमित जांच कराने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस बीच, प्रभावित छात्रों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था की जा रही है और उन्हें मुफ्त चिकित्सा सहायता भी दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में अनियमित निर्माण और रखरखाव की कमी ही ऐसे हादसों की मुख्य वजह है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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