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भारत

दिमागी बुखार के केस 62% घटे, पर मौत का अनुपात बढ़ा; यूपी‑बिहार ने कैसे पाया काबू

5/9/2026, 12:59:07 am
दिमागी बुखार के केस 62% घटे, पर मौत का अनुपात बढ़ा; यूपी‑बिहार ने कैसे पाया काबू
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पिछले छह साल में दिमागी बुखार यानी जापानी इंसेफेलाइटिस के नए मामले 62 फ़ीसदी कम हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक 2018 में 12 हज़ार से ज़्यादा केस दर्ज हुए थे, जबकि 2024 में यह संख्या लगभग 4 हज़ार 500 पर आ गई। लेकिन इसी अवधि में मरने वालों का अनुपात बढ़ गया है। 2018 में मृत्यु दर 1.2 फ़ीसदी थी, जो 2024 में 2.1 फ़ीसदी तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर मरीज़ अक्सर देर से अस्पताल पहुंचते हैं, जिससे इलाज में देरी होती है। उत्तर प्रदेश और बिहार ने इस बीमारी को काबू करने के लिए टीकाकरण अभियान तेज़ किया है। दोनों राज्यों ने गांव‑गांव मोबाइल टीमें भेजीं, स्कूलों में जागरूकता कैंप लगाए और मच्छरदानी का वितरण बढ़ाया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रैपिड टेस्ट किट उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि संदिग्ध मरीज़ की तुरंत पहचान हो सके। इसके अलावा, एंबुलेंस नेटवर्क को मज़बूत किया गया है ताकि गंभीर केस जल्दी रेफर हो सकें। केंद्र सरकार ने निगरानी तंत्र को और मजबूत करने का फैसला किया है। हर जिले में साप्ताहिक रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है और डेटा को रियल‑टाइम डैशबोर्ड पर डाला जा रहा है। आने वाले सालों में टीकाकरण कवरेज 95 फ़ीसदी तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यदि यह लक्ष्य पूरा होता है, तो मामलों में और गिरावट के साथ मृत्यु दर भी नीचे आने की उम्मीद है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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