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भारत

आठ सीमाई राज्यों में डीएम तय करेंगे नागरिकता; हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के बैंक लेनदेन पर सवाल उठाया

20/8/2026, 11:01:26 pm
आठ सीमाई राज्यों में डीएम तय करेंगे नागरिकता; हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के बैंक लेनदेन पर सवाल उठाया
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केंद्र सरकार ने आठ सीमाई राज्यों में नागरिकता से जुड़े मामलों का फैसला जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के हाथ में सौंप दिया है। यह आदेश गृह मंत्रालय की अधिसूचना के तहत जारी हुआ है और इससे असम, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय के डीएम को सीधे अधिकार मिल गए हैं। पहले ऐसे मामले केंद्रीय स्तर पर निपटाए जाते थे, लेकिन अब स्थानीय प्रशासन तय करेगा कि कौन भारतीय नागरिक माना जाए और किसे विदेशी घोषित किया जाए। इस कदम का मकसद प्रक्रिया को तेज़ करना और सीमावर्ती इलाकों में लंबित मामलों का बोझ घटाना है। दूसरी ओर, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़े एक बैंक लेनदेन पर तीखा सवाल पूछा है। अदालत ने बैंक से पूछा कि अभिषेक बनर्जी के खाते में बड़ी रकम कैसे जमा हुई और क्या इसके लिए उचित दस्तावेज़ मौजूद हैं। बैंक के वकील ने जवाब देने के लिए समय मांगा, जबकि न्यायालय ने अगली सुनवाई में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज़ है, क्योंकि अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं। विपक्ष ने इसे सत्ता के दुरुपयोग का संकेत बताया है, जबकि सत्तारूढ़ दल ने इसे नियमित जांच प्रक्रिया कहा है। नागरिकता के फैसले स्थानीय स्तर पर होने से ग्रामीण इलाकों के लोगों को दस्तावेज़ जमा कराने में सहूलियत मिलेगी, लेकिन साथ ही गलत फैसले की आशंका भी बनी रहती है। उच्च न्यायालय की टिप्पणी से बैंकों पर भी दबाव बढ़ेगा कि वे बड़े लेनदेन की निगरानी कड़ी करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना समय पर दें। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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