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दोन गांव में खाट बनी एंबुलेंस, विकास की पोल खोलती तस्वीर

25/8/2026, 12:51:00 am
दोन गांव में खाट बनी एंबुलेंस, विकास की पोल खोलती तस्वीर
बेतिया जिले के दोन गांव में आज भी मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए खाट का सहारा लेना पड़ता है। हाल ही में एक तस्वीर सामने आई जिसमें एक बीमार बुजुर्ग को चारपाई पर लादकर ग्रामीण पैदल चल रहे थे। यह तस्वीर प्रभात खबर ने छापी और सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। ग्रामीणों ने बताया कि निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बारह किलोमीटर दूर है और वहां एंबुलेंस की कोई सुविधा नहीं है। सड़कें टूटी हुई हैं, बारिश में कीचड़ भर जाता है और कोई गाड़ी नहीं चल सकती। कई बार जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखे गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि नई एंबुलेंस खरीदने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही गांव तक सेवा पहुंचेगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल एंबुलेंस खरीदने से समस्या हल नहीं होगी, सड़क और संचार सुविधा भी जरूरी है। इस घटना ने बिहार के ग्रामीण स्वास्थ्य तंत्र की जमीनी हकीकत फिर से उजागर कर दी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गांवों तक एंबुलेंस पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन दोन जैसे दूरदराज के इलाके अब भी छूटे हुए हैं। पिछले साल जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने एक सर्वेक्षण किया जिसमें पता चला कि इस ब्लॉक के 40 प्रतिशत गांवों में कोई भी आपातकालीन वाहन नहीं है। ग्रामीण महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं क्योंकि उन्हें प्रसव या गंभीर बीमारी के समय तुरंत अस्पताल पहुंचना होता है। एक स्थानीय आशा कार्यकर्ता ने कहा कि कई बार गर्भवती महिलाओं को खाट पर ही ले जाना पड़ता है, जिससे जान जोखिम में पड़ती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सरकार तुरंत मोबाइल मेडिकल यूनिट और पक्की सड़क का निर्माण कराए। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि अगले वित्तीय वर्ष में दो एंबुलेंस और एक पक्की सड़क का प्रस्ताव भेजा गया है। लेकिन ग्रामीणों को अब तक केवल आश्वासन मिले हैं, वास्तविक बदलाव की प्रतीक्षा अब भी जारी है। इस तस्वीर ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि राज्य सरकार का ध्यान भी खींचा है, जिससे नीति स्तर पर सुधार की उम्मीद बंधी है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच केवल वाहन खरीदने से नहीं, बल्कि समग्र बुनियादी ढांचे के विकास से संभव है। तब तक दोन के लोग खाट को ही अपनी एंबुलेंस मानकर जीवन बचाने की कोशिश करते रहेंगे। समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)

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