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भारत

ईडी ने टीएमसी सांसद नदीमुल हक़ के अखबार पर 24 घंटे का छापा मारा, 60 करोड़ की कथित गड़बड़ी सामने आई

7/9/2026, 9:12:00 pm
ईडी ने टीएमसी सांसद नदीमुल हक़ के अखबार पर 24 घंटे का छापा मारा, 60 करोड़ की कथित गड़बड़ी सामने आई
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद नदीमुल हक़ से जुड़े एक हिंदी अखबार के मुख्यालय पर छापा मारा। अधिकारियों के अनुसार छापा 24 घंटे तक चला और इस दौरान करीब 60 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं के सबूत मिले हैं। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है और दस्तावेज़, कंप्यूटर हार्ड डिस्क तथा बैंक खातों का विवरण जब्त किया है। सांसद नदीमुल हक़ का नाम अखबार के मालिकाना हक़ और प्रबंधन में सामने आया है, हालांकि उन्होंने अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। अखबार के संपादकीय विभाग ने छापे को राजनीतिक दबाव बताया है, लेकिन ईडी का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है। जांच एजेंसी अब जब्त सामग्री का विश्लेषण कर रही है और आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जानकारी मांगी जाएगी। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया कि प्रारंभिक जांच में कई संदिग्ध लेन‑देन और शेल कंपनियों के नाम सामने आए हैं। अधिकारी ने कहा कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो दोषियों पर पीएमएलए के तहत सात साल तक की सज़ा और संपत्ति जब्ती हो सकती है। तृणमूल कांग्रेस ने छापे को केंद्र सरकार की बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि यह राजनीतिक विरोधियों को डराने की कोशिश है। विपक्षी दलों ने भी इस मामले को संसद में उठाने की घोषणा की है और जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। मामला संसद के शीतकालीन सत्र में भी उठ सकता है, क्योंकि विपक्षी दलों ने इस छापे को सत्तारूढ़ दल के खिलाफ राजनीतिक हथियार बताया है। ईडी पिछले कुछ वर्षों में कई मीडिया संस्थानों की वित्तीय गतिविधियों की जांच कर चुकी है, जिससे प्रेस की आज़ादी पर बहस तेज हुई है। इस अखबार का प्रकाशन कोलकाता से होता है और इसकी प्रसार संख्या लाखों में बताई जाती है। नदीमुल हक़ 2019 से राज्यसभा के सदस्य हैं और पहले भी वित्तीय मामलों में चर्चा में रहे हैं। ईडी की टीम ने छापे के दौरान अखबार के लेखा विभाग, विज्ञापन राजस्व और विदेशी चंदे से जुड़े दस्तावेज़ खंगाले। जांच अधिकारी ने बताया कि कुछ लेन‑देन विदेशी बैंक खातों के माध्यम से किए गए थे, जो पीएमएलए के दायरे में आते हैं। अब ईडी इस मामले को विशेष अदालत में पेश करेगी और आरोपियों को समन जारी करने की तैयारी कर रही है। फिलहाल अदालत में कोई याचिका दायर नहीं हुई है और जांच जारी है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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