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गुजरात में फर्जी सरकारी दफ्तर और रियल एस्टेट धोखाधड़ी पर ईडी का बड़ा प्रहार, 152 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त

17/8/2026, 6:25:02 am
गुजरात में फर्जी सरकारी दफ्तर और रियल एस्टेट धोखाधड़ी पर ईडी का बड़ा प्रहार, 152 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुजरात में दो बड़े धोखाधड़ी मामलों पर कड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने फर्जी सरकारी दफ्तर चलाने वाले गिरोह और एक बड़े रियल एस्टेट घोटाले के आरोपियों की संपत्ति जब्त की है। कुल जब्ती 152 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। जांच के अनुसार, अहमदाबाद और सूरत के कुछ लोगों ने एक नकली सरकारी कार्यालय बनाकर आम नागरिकों और कारोबारियों को ठगा। उन्होंने फर्जी आदेश, परमिट और लाइसेंस जारी किए और उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए। इस दौरान कई लोगों से लाखों रुपये वसूले गए। दूसरे मामले में, एक नामी बिल्डर ग्रुप ने फर्जी योजनाएं दिखाकर निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाए। प्रोजेक्ट कभी शुरू नहीं हुए और पैसा दूसरी जगह लगा दिया गया। ईडी ने दोनों मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप जोड़े हैं। ईडी ने कोर्ट के आदेश पर 30 से अधिक अचल संपत्तियों, बैंक खातों, लग्जरी वाहनों और जेवरात को अटैच किया है। जब्त संपत्तियों में अहमदाबाद, गांधीनगर और सूरत के प्रमुख इलाकों में स्थित प्लॉट, फ्लैट और व्यावसायिक परिसर शामिल हैं। ईडी की टीम ने पिछले महीने अहमदाबाद, गांधीनगर और सूरत में एक साथ छापे मारे थे। इस दौरान 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया और उनके पास से नकदी, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। अधिकारियों ने बताया कि फर्जी दफ्तर के संचालक ने सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी वेबसाइट भी बनाई थी। इसके जरिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाते थे और शुल्क वसूला जाता था। अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी जारी है और आगे भी कई खाते और संपत्तियां सामने आ सकती हैं। आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ईडी ने यह भी स्पष्ट किया कि जब्त संपत्ति की नीलामी से प्राप्त राशि पीड़ितों को वापस की जाएगी। कोर्ट की निगरानी में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाएगी। इस कार्रवाई से गुजरात के निवेशकों और आम नागरिकों में भरोसा बढ़ा है। ईडी ने स्पष्ट किया कि फर्जी सरकारी दफ्तर और रियल एस्टेट धोखाधड़ी जैसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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