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चुनाव आयोग ने शुरू किया विशेष गहन पुनरीक्षण, जानें क्यों ज़रूरी

12/9/2026, 12:10:25 pm
चुनाव आयोग ने शुरू किया विशेष गहन पुनरीक्षण, जानें क्यों ज़रूरी
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चुनाव आयोग ने इस वर्ष मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर शुरू किया है ताकि कोई भी योग्य नागरिक वोट देने से छूट न जाए। हर साल सामान्य पुनरीक्षण होता है, फिर भी आयोग को एसआईआर की ज़रूरत क्यों पड़ी, इस पर कई सवाल उठ रहे हैं और विपक्षी दलों ने भी इसे मुद्दा बनाया है। आयोग का कहना है कि पिछले कुछ चुनावों में बड़ी संख्या में नाम गायब मिले थे, जिससे मतदाताओं को परेशानी हुई और कई सीटों पर मतदान प्रतिशत प्रभावित हुआ। एसआईआर के तहत घर‑घर जाकर डेटा जुटाया जा रहा है, डुप्लीकेट एंट्री हटाई जा रही हैं और नए मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर, डेटा एंट्री ऑपरेटर और स्थानीय स्वयंसेवकों को लगाया गया है ताकि काम तेज़ी से पूरा हो सके। अगर किसी नागरिक का नाम अंतिम सूची से बाहर रह जाता है, तो वह ऑनलाइन पोर्टल पर आपत्ति दर्ज करा सकता है या जिला निर्वाचन अधिकारी के पास लिखित शिकायत दे सकता है। कानूनी तौर पर वह उच्च न्यायालय में याचिका भी डाल सकता है, बशर्ते उसके पास पर्याप्त सबूत हों जैसे पहचान पत्र और पुराना वोटर कार्ड। विशेषज्ञ मानते हैं कि समय पर सही जानकारी देने से भविष्य में ऐसे विवाद कम होंगे और मतदान प्रतिशत बढ़ेगा, जिससे लोकतंत्र मज़बूत होगा। आयोग ने सभी राज्यों को 30 जून तक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है और प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट मांगी है। आम नागरिक से अपील है कि वह अपनी जानकारी अपडेट कराए और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत दे ताकि चुनाव निष्पक्ष रहें। पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार लगभग 1.2 करोड़ नाम गलत या गायब पाए गए थे, जिसे देखते हुए आयोग ने इस बार ज्यादा सख्ती बरती है। साथ ही, आधार नंबर को वोटर आईडी से लिंक करने का विकल्प भी दिया गया है ताकि भविष्य में डेटा मेल करना आसान हो। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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