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फरक्का जल संधि: बिहार के हितों की रक्षा पर ललिता का जोर

13/9/2026, 12:00:00 am
फरक्का जल संधि: बिहार के हितों की रक्षा पर ललिता का जोर
बिहार की पूर्व मंत्री ललिता ने फरक्का जल संधि पर राज्य के हितों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि 1996 में हुई इस संधि में बिहार के सिंचाई, पेयजल और बाढ़ नियंत्रण की जरूरतों को प्रमुखता से रखा जाना चाहिए। ललिता ने केंद्र सरकार से मांग की कि बिहार के हिस्से का पानी बिना किसी कटौती के मिले। उन्होंने याद दिलाया कि गंगा नदी का पानी बिहार के कई जिलों जैसे कटिहार, पूर्णिया और भागलपुर की खेती और पीने के पानी का मुख्य स्रोत है। उन्होंने बताया कि फरक्का बैराज से निकलने वाले पानी का बड़ा हिस्सा बांग्लादेश को जाता है, जिससे बिहार के निचले इलाकों में सिंचाई पर असर पड़ता है। पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि बाढ़ के समय पानी का सही प्रबंधन नहीं होने से किसानों को भारी नुकसान होता है। उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में बिहार के किसानों को औसतन 15 प्रतिशत कम पानी मिला है, जिसका सीधा असर धान और गेहूं की पैदावार पर पड़ा है। ललिता ने राज्य सरकार से अपील की कि वह संधि की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति बनाए जिसमें कृषि, जल संसाधन और आपदा प्रबंधन के विशेषज्ञ शामिल हों। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार की जनता के हितों की रक्षा किसी भी कीमत पर होनी चाहिए। इस मुद्दे पर उन्होंने विपक्षी दलों से भी सहयोग मांगा और कहा कि जल संसाधनों का न्यायसंगत बंटवारा राष्ट्रीय एकता के लिए भी जरूरी है। अंत में ललिता ने भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को संसद में भी उठाएंगी और बिहार के पानी के अधिकार को मजबूती से रखेंगी। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने समय पर कदम नहीं उठाया तो बिहार के किसानों को और अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। ललिता ने मीडिया से भी अपील की कि वे इस मुद्दे को जनता के सामने लाएं ताकि दबाव बने और संधि में बिहार के हित सुरक्षित रहें। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2011 में हुई संधि की समीक्षा में बिहार की मांगों को आंशिक रूप से माना गया था, लेकिन उसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ललिता ने केंद्रीय जल आयोग से अनुरोध किया कि वह बांग्लादेश के साथ संयुक्त निगरानी तंत्र स्थापित करे ताकि पानी का वितरण पारदर्शी रहे। उन्होंने कहा कि केवल बातचीत से नहीं, बल्कि लिखित समझौते से ही बिहार के हित सुरक्षित हो सकते हैं। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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