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एफडीए कमिश्नर ने शाहरुख, अजय और टाइगर को नोटिस भेजा, चेतावनी दी – किसी को नहीं बख़्शेंगे

18/8/2026, 4:08:13 am
एफडीए कमिश्नर ने शाहरुख, अजय और टाइगर को नोटिस भेजा, चेतावनी दी – किसी को नहीं बख़्शेंगे
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एफडीए कमिश्नर ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को आधिकारिक नोटिस भेजे हैं। इन तीनों सितारों पर कुछ उत्पाद विज्ञापनों में स्वास्थ्य से जुड़े दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप है। कमिश्नर ने प्रेस वार्ता में कहा कि नियम सबके लिए एक जैसे हैं और कोई भी सेलिब्रिटी उन्हें तोड़ कर बच नहीं सकता। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि विज्ञापन में किए गए दावों का विज्ञानिक आधार होना चाहिए। यदि किसी उत्पाद के फायदे बढ़ा-चढ़ाकर तरीके से दिखाए गए हैं तो कंपनी और विज्ञापन का चेहरा दोनों जिम्मेदार माने जाएंगे। कलाकारों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने विज्ञापन सामग्री की आंतरिक जांच करवाएं और आवश्यक सुधार करें। प्राप्त नोटिस का जवाब देने की समय सीमा 15 दिन रखी गई है। इस अवधि में संबंधित पक्षों को अपने स्पष्टीकरण देना होगा, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। कमिश्नर ने चेतावनी दी कि भविष्य में भी किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से विज्ञापन मानकों में पारदर्शिता आएगी। उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले दावों पर लगाम लगेगी और वे सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकेंगे। कई स्वास्थ्य संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है और कहा है कि सेलिब्रिटी प्रभाव का गलत इस्तेमाल रोकना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज़ से ज़रूरी है। बॉलीवुड के प्रतिनिधि फिलहाल कोई अधिकारिक बयान नहीं दिया है। सूत्रों के अनुसार वे कानूनी सलाह ले रहे हैं और 내부 समीक्षा कर रहे हैं। कुछ निर्माताओं ने कहा है कि वे अपने विज्ञापनों की समीक्षा पहले से ही कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की गलती को रोका जा सके। एफडीए ने पिछले कुछ महीनों में विभिन्न उत्पाद वर्गों की जांच तेज़ की है। इस अभियान का लक्ष्य गैर‑कानूनी स्वास्थ्य दावों पर रोक लगाना और बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है। कमिश्नर ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी को भी निशाना बनाना नहीं है बल्कि नियमों का पालन करवाना है। सोशल मीडिया पर इस खबर ने विस्तृत चर्चा शुरू कर दी है। कई प्रशंसकों ने अपने पसंदीदा सितारों के समर्थन में पोस्ट किए हैं, जबकि कुछ उपभोक्ता संगठनों ने इस कार्रवाई को सही ठहराया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी निगरानी से बॉलीवुड के विज्ञापन contracts में भी बदलाव आ सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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