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भारत

पूर्व सेना प्रमुख नरवणे: चीन प्रतिस्पर्धी, पाकिस्तान अलग खतरा

20/8/2026, 9:30:39 pm
पूर्व सेना प्रमुख नरवणे: चीन प्रतिस्पर्धी, पाकिस्तान अलग खतरा
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पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे ने कहा कि चीन और पाकिस्तान भारत के लिए अलग-अलग तरह की चुनौतियां पेश करते हैं। एक सम्मेलन में उन्होंने चीन को रणनीतिक प्रतिस्पर्धी बताया और पाकिस्तान को पड़ोसी देश के रूप में अलग खतरा माना। नरवणे के मुताबिक चीन की आर्थिक और सैन्य ताकत लंबे समय तक भारत के हितों को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि चीन सीमा पर बुनियादी ढांचा तेजी से बढ़ा रहा है और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव बनाए रखता है। पाकिस्तान के मामले में उन्होंने आतंकवाद और सीमा पार घुसपैठ को मुख्य खतरा बताया। पूर्व प्रमुख ने जोर देकर कहा कि दोनों चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत को अपनी रक्षा क्षमता और कूटनीति दोनों मजबूत करनी होगी। उन्होंने सेना के आधुनिकीकरण, साइबर क्षमता और खुफिया नेटवर्क को प्राथमिकता देने की सलाह दी। नरवणे ने यह भी उल्लेख किया कि क्षेत्रीय संगठनों और मित्र देशों के साथ सहयोग बढ़ाना जरूरी है। विश्लेषकों का मानना है कि चीन की आक्रामक नीति और पाकिस्तान की अस्थिरता भारत के लिए दोहरा दबाव बनाती है। सरकार ने हाल के वर्षों में रक्षा बजट बढ़ाया है और नए हथियार प्रणालियों की खरीद तेज की है। हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि केवल सैन्य खर्च से समस्या हल नहीं होगी, राजनीतिक संवाद भी आवश्यक है। नरवणे के बयान से स्पष्ट है कि भारत को दोहरी चुनौती का सामना करने के लिए संतुलित रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा पर निगरानी तंत्र को आधुनिक तकनीक से लैस करना समय की मांग है। साथ ही, आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सीमा विवादों के समाधान के लिए बहुपक्षीय वार्ता को प्राथमिकता दी जाए। भारत के पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने से भी तनाव कम हो सकता है। सैन्य अभ्यासों में संयुक्त भागीदारी से परस्पर विश्वास मजबूत होगा और गलतफहमियां दूर होंगी। अंत में, नरवणे ने युवा अधिकारियों से तकनीकी कौशल विकसित करने और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया। सरकार और सेना को मिलकर दीर्घकालिक सुरक्षा योजना तैयार करनी होगी ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना किया जा सके। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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