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चार दवाओं की बिक्री पर पाबंदी, बिना डॉक्टरी सलाह नहीं मिलेंगी

26/8/2026, 2:36:09 am
चार दवाओं की बिक्री पर पाबंदी, बिना डॉक्टरी सलाह नहीं मिलेंगी
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने चार दवाओं की बिक्री पर सख्त रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। नए नियम के अनुसार ये दवाएं केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही मिलेंगी। मंत्रालय ने अभी दवाओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक एंटीबायोटिक, स्टेरॉयड, दर्दनिवारक और नींद की गोलियां शामिल हो सकती हैं। प्रस्ताव का मकसद दवाओं के दुरुपयोग को रोकना और एंटीबायोटिक प्रतिरोध को कम करना है। बिना पर्ची बिक्री करने वाले दवा विक्रेताओं पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उनका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है। राज्यों के औषधि नियंत्रकों को नए नियम लागू करने के लिए दिशा‑निर्देश जारी किए गए हैं। दवा कारोबारियों ने इस कदम पर मिली‑जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ विक्रेताओं का कहना है कि इससे छोटी दुकानों पर असर पड़ेगा, जबकि बड़े चेन स्टोर पहले से ही पर्ची आधारित बिक्री करते हैं। उपभोक्ता संगठनों ने प्रस्ताव का स्वागत किया है और कहा है कि इससे मरीजों को सुरक्षित इलाज मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानून बनाने से काम नहीं चलेगा, जागरूकता अभियान भी चलाने होंगे। मंत्रालय ने अगले तीन महीने में अंतिम नियम जारी करने की योजना बनाई है। तब तक मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी और दवा विक्रेताओं को नए नियमों के अनुरूप तैयार रहने को कहा गया है। पिछले वर्षों में बिना पर्ची बिक्री के कारण कई गंभीर मामले सामने आए हैं, जिनमें एंटीबायोटिक प्रतिरोध बढ़ने से इलाज मुश्किल हुआ। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी भारत को दवा दुरुपयोग रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की सलाह दी थी। नए नियम में ऑनलाइन फार्मेसी को भी पर्ची जांच के दायरे में लाया गया है। इसके लिए एक डिजिटल पोर्टल बनाया जाएगा जहां डॉक्टर पर्ची अपलोड कर सकेंगे और विक्रेता उसे सत्यापित कर सकेंगे। सरकार ने दवा निर्माताओं से भी अपील की है कि वे पैकेजिंग पर स्पष्ट चेतावनी छापें। राज्य सरकारों को अपने स्तर पर जांच दल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। आम नागरिकों से अपील है कि वे स्वयं दवा खरीदने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। इस पहल से लंबे समय में स्वास्थ्य खर्च में कमी आने की उम्मीद है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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