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गगनयान मिशन में देरी सामान्य, अंगद प्रताप ने बताई वजह

9/9/2026, 4:25:24 am
गगनयान मिशन में देरी सामान्य, अंगद प्रताप ने बताई वजह
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इसरो ने गगनयान मिशन की नई समय‑सीमा घोषित की है। पहले 2024 में पहला मानव यात्रा का लक्ष्य था, अब इसे 2026 के अंत तक टाल दिया गया है। अंतरिक्ष यात्री अंगद प्रताप ने कहा कि देरी असामान्य नहीं है। उन्होंने बताया कि हर बड़े कार्यक्रम में तकनीकी जांच और सुरक्षा परीक्षण समय लेते हैं। अंगद ने कहा, "हमें हर चरण को पूरी तरह से परखना होगा, ताकि यात्री की जान खतरे में न पड़े।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसरो की टीम लगातार डेटा जुटा रही है। इसरो प्रमुख ने पिछले महीने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रॉकेट के नए इंजन और क्रू कैप्सूल की जीवन रक्षा प्रणाली का परीक्षण अभी चल रहा है। अभियान के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों का चयन हो चुका है। अंगद प्रताप उनमें से एक हैं और उन्होंने अपनी ट्रेनिंग के बारे में बताया कि वे भारहीनता, आपात स्थिति और संचार अभ्यास कर रहे हैं। इसरो ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग, विशेषकर रूस और फ्रांस के साथ, तकनीकी सहायता दे रहा है। इससे अभियान की विश्वसनीयता बढ़ी है। वैज्ञानिक समुदाय ने देरी को सकारात्मक माना है। उनका कहना है कि सुरक्षा को प्राथमिकता देना सही कदम है। अगले चरण में क्रू कैप्सूल का पूर्ण परीक्षण और लॉन्च पैड पर इंटीग्रेशन होगा। इसरो 2025 के मध्य तक इन परीक्षणों को पूरा करना चाहता है। इसरो ने पहले दो अनमैन्ड टेस्ट फ्लाइट की योजना बनाई है, जो 2025 की शुरुआत में होंगी। इनसे लॉन्च व्हीकल और कैप्सूल की पूरी प्रणाली की जांच होगी। सरकार ने मिशन के लिए 10,000 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है, जिससे नए इंजन विकास और ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा सके। अंगद प्रताप ने यह भी बताया कि वे अंतरिक्ष स्टेशन पर रहने के लिए आवश्यक मेडिकल जांच और मनोवैज्ञानिक तैयारी भी पूरी कर रहे हैं। इसरो के वैज्ञानिकों का मानना है कि 2026 के अंत तक मानव यात्रा संभव है, बशर्ते सभी परीक्षण समय पर पूरे हों। अंत में, अंगद प्रताप ने देशवासियों से धैर्य रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि गगनयान भारत की अंतरिक्ष क्षमता का प्रतीक बनेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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