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भारत

चीनी 60 रुपये पार, सरकारी सख्ती बेअसर

30/8/2026, 8:30:57 pm
चीनी 60 रुपये पार, सरकारी सख्ती बेअसर
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सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद चीनी के दाम काबू में नहीं आ रहे। खुदरा बाजार में भाव 60 रुपये किलो के पार चले गए हैं। उपभोक्ता मंत्रालय ने पिछले महीने स्टॉक लिमिट लगाई थी, जमाखोरों पर छापे भी मारे गए, फिर भी कीमतें नीचे नहीं आईं। व्यापारियों का कहना है कि मिलों से सप्लाई कम हो रही है और त्योहारी सीजन की मांग बढ़ने से दाम चढ़ रहे हैं। दिल्ली की आजादपुर मंडी में थोक भाव 55-56 रुपये किलो तक पहुंच गया है। खुदरा दुकानदार 62-65 रुपये वसूल रहे हैं। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी हालात ऐसे ही हैं। गृहिणियों का बजट बिगड़ रहा है। रसोई में चीनी रोज़ाना इस्तेमाल होती है, इसलिए असर सीधा पड़ता है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने माना कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्ची चीनी महंगी हुई है। ब्राजील और थाईलैंड में उत्पादन घटने से आयात महंगा पड़ रहा है। घरेलू मिलें भी एथनॉल बनाने के लिए गन्ना डायवर्ट कर रही हैं, इससे चीनी उत्पादन पर असर पड़ा है। सरकार ने स्टॉक लिमिट 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। साथ ही आयात शुल्क में छूट देने पर विचार चल रहा है। लेकिन जानकार मानते हैं कि जब तक मिलों से नियमित सप्लाई नहीं बढ़ेगी, दाम काबू में नहीं आएंगे। उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही। त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। मिठाई, चाय, शरबत — हर चीज़ में चीनी लगती है। छोटे दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक कम मात्रा में खरीद रहे हैं। कुछ लोग गुड़ या शहद का विकल्प अपना रहे हैं, पर वो भी महंगे हैं। केंद्र ने राज्यों से कालाबाज़ारी रोकने के लिए सख्त निगरानी को कहा है। फिर भी जमाखोरी की शिकायतें आ रही हैं। अगले हफ्ते मंत्रियों का समूह बैठक करेगा और नए कदमों पर फैसला लेगा। तब तक आम आदमी को जेब ढीली करनी पड़ेगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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