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22 साल पुराने भ्रूण से 54 वर्षीय ग्रीक महिला फिर बनी मां, बेटे के नाम पर रखा नवजात का नाम

12/9/2026, 6:28:09 am
22 साल पुराने भ्रूण से 54 वर्षीय ग्रीक महिला फिर बनी मां, बेटे के नाम पर रखा नवजात का नाम
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ग्रीस की एक 54 वर्षीय महिला ने 22 साल पहले फ्रीज किए गए भ्रूण से फिर से मां बनकर चिकित्सा जगत में एक नई मिसाल कायम की है। महिला ने पिछले साल अपने इकलौते बेटे को एक दुर्घटना में खो दिया था और अब नवजात शिशु का नाम उसी बेटे के नाम पर रखकर उसकी याद को जीवित रखा है। डॉक्टरों ने बताया कि यह भ्रूण 1999 में एक आईवीएफ प्रक्रिया के दौरान तैयार किया गया था और तब से क्रायोप्रिजर्वेशन तकनीक के तहत तरल नाइट्रोजन में सुरक्षित रखा गया था। इस तकनीक ने यह साबित किया है कि भ्रूण को दो दशक से अधिक समय तक बिना किसी गुणवत्ता हानि के संरक्षित किया जा सकता है। महिला का इलाज एथेंस के एक प्रमुख प्रजनन केंद्र में हुआ जहां विशेषज्ञों ने भ्रूण को गर्भाशय में स्थानांतरित करने से पहले उसकी पूरी जांच की। गर्भावस्था बिना किसी बड़ी जटिलता के पूरी हुई और बच्चे का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ, जिससे मां और शिशु दोनों स्वस्थ हैं। परिवार ने कहा कि नए बच्चे का नाम अपने दिवंगत बेटे के नाम पर रखना उन्हें भावनात्मक रूप से जोड़ता है और उन्हें आशा देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भ्रूण संरक्षण की सीमाओं को और विस्तार दे सकता है और भविष्य में अधिक उम्र की महिलाओं के लिए संभावनाएं खोलेगा। हालांकि नैतिक सवाल भी उठ रहे हैं कि इतनी लंबी अवधि तक भ्रूण को रखना कितना उचित है और इसके सामाजिक प्रभाव क्या हो सकते हैं। ग्रीस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस सफलता को प्रजनन चिकित्सा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है और आगे के शोध को प्रोत्साहित करने की बात कही है। इससे पहले भी विश्व में 20 साल से अधिक पुराने भ्रूण से जन्म के कुछ मामले सामने आए हैं, लेकिन 22 साल का अंतर इस मामले को अनूठा बनाता है। ग्रीस में प्रजनन कानून भ्रूण को अधिकतम 10 साल तक संरक्षित करने की अनुमति देता है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में अदालत की मंजूरी से अवधि बढ़ाई जा सकती है। महिला के डॉक्टरों ने अदालत से विशेष अनुमति ली और सभी नैतिक समीक्षा बोर्ड की स्वीकृति प्राप्त की, जिससे प्रक्रिया कानूनी रूप से पूरी हुई। वैज्ञानिक समुदाय ने इस सफलता को क्रायोबायोलॉजी की प्रगति का प्रमाण माना है और भविष्य में भ्रूण संरक्षण की अवधि और बढ़ाने के अनुसंधान को तेज करने की सलाह दी है। इस घटना ने उन दंपतियों को नई उम्मीद दी है जो लंबे समय से संतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं और जिनके भ्रूण पहले से संरक्षित हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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