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गुजरात हाईकोर्ट ने आसाराम की अस्थायी जमानत खारिज, सुप्रीम कोर्ट जाने की छूट

8/9/2026, 6:22:40 am
गुजरात हाईकोर्ट ने आसाराम की अस्थायी जमानत खारिज, सुप्रीम कोर्ट जाने की छूट
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गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को आसाराम बापू की अस्थायी जमानत याचिका को खारिज कर दिया। न्यायाधीश ने कहा कि मौजूदा तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आलोक में जमानत देना उचित नहीं है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर कर सकते हैं। आसाराम बापू पर 2013 में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा था और 2018 में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। तब से वे जोधपुर की केंद्रीय जेल में बंद हैं। उनकी ओर से कई बार स्वास्थ्य कारणों के आधार पर जमानत की मांग की गई है। इस बार वकीलों ने दावा किया कि आसाराम को गंभीर हृदय रोग और मधुमेह है और जेल में इलाज संभव नहीं है। अदालत ने चिकित्सा रिकॉर्ड की जांच की और पाया कि जेल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं उनकी जरूरतों को पूरा कर रही हैं। निर्णय में अदालत ने कहा कि जमानत देते समय समाज में विश्वास बनाए रखना और पीड़ित की भावनाओं का ध्यान रखना आवश्यक है। चूंकि मामला अभी उच्चतम न्यायालय में लंबित है, इसलिए याचिकाकर्ता को वहां जाने की छूट देते हुए उचित प्रक्रिया अपनाने को कहा गया। इससे पहले भी आसाराम ने कई बार अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया था, लेकिन हर बार अदालत ने स्वास्थ्य आधार को पर्याप्त नहीं माना। उच्चतम न्यायालय ने पिछले वर्ष उनकी याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द सुनवाई जरूरी है। गुजरात उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि जेल प्रशासन को कैदी की चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करता है। वहीं, कुछ धार्मिक संगठनों ने अदालत के निर्णय को पक्षपाती बताते हुए विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी। अब आसाराम के वकील अगले सप्ताह उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। उम्मीद है कि शीर्ष अदालत इस मामले पर जल्द सुनवाई करेगी और अंतिम फैसला सुनाएगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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