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हूती विद्रोहियों का दावा: लाल सागर के अहम द्वीप पर कब्ज़ा, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर तनाव बढ़ा

11/9/2026, 12:29:59 pm
हूती विद्रोहियों का दावा: लाल सागर के अहम द्वीप पर कब्ज़ा, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर तनाव बढ़ा
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ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के एक अहम द्वीप पर कब्ज़ा करने का ऐलान किया है। यह टापू बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के बीच स्थित है — जो लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। हूती प्रवक्ता ने इसे बड़ी सैन्य कामयाबी बताया है। बाब अल-मंदेब दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से है। यहाँ से हर रोज़ तेल और मालवाहक जहाज़ गुज़रते हैं। किसी भी ताक़त का इस इलाके पर काबू होना, वैश्विक व्यापार के लिए सीधा खतरा माना जाता है। हूतियों ने अभी तक द्वीप का नाम साफ़ नहीं किया है, लेकिन जानकार मानते हैं कि यह पेरिम द्वीप या उसके आसपास का कोई छोटा टापू हो सकता है। पेरिम ब्रिटिश ज़माने से ही सामरिक अहमियत रखता आया है। यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। मगर पश्चिमी देशों की सेनाएँ इलाके में पहले से ही तैनात हैं। अमेरिका और ब्रिटेन ने पिछले महीनों में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए थे, जिसके बाद हूतियों ने लाल सागर में जहाज़ों को निशाना बनाना तेज़ कर दिया था। ईरान हूतियों को हथियार, ट्रेनिंग और खुफिया मदद देता रहा है। तेहरान इसे 'प्रतिरोध की धुरी' का हिस्सा मानता है। वहीं, सऊदी अरब और उसके सहयोगी हूतियों को ईरान का मोहरा बताते हैं। इस ताज़ा घटनाक्रम से लाल सागर में तनाव और बढ़ने के आसार हैं। जहाज़रानी कंपनियाँ पहले ही केप ऑफ गुड होप वाला लंबा रास्ता अपना रही हैं। अगर हूती इस द्वीप पर टिके रहे, तो समुद्री बीमा महँगा होगा और सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा। भारत के लिए भी यह चिंता की बात है। भारत का बड़ा व्यापार इसी रास्ते से होता है। विदेश मंत्रालय हालात पर नज़र रखे हुए है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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