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आईएईए ने ईरान को 20 साल बाद UN सुरक्षा परिषद भेजा, चीन-रूस समेत तीन देश विरोध में

9/9/2026, 5:36:18 am
आईएईए ने ईरान को 20 साल बाद UN सुरक्षा परिषद भेजा, चीन-रूस समेत तीन देश विरोध में
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अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के 35 सदस्यीय बोर्ड ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चिंता जताते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। बोर्ड ने 30 देशों के समर्थन से ईरान के मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पास भेज दिया, जबकि चीन, रूस और एक अन्य देश ने प्रस्ताव का विरोध किया। यह 20 साल में पहला मौका है जब IAEA ने किसी देश को सीधे सुरक्षा परिषद को रेफर किया है, इससे पहले 2003 में इराक के मामले में ऐसा हुआ था। मतदान के दौरान अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे प्रमुख पश्चिमी देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, जबकि चीन और रूस ने कहा कि इस कदम से तनाव बढ़ेगा। ईरान ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि IAEA का फैसला राजनीतिक दबाव का नतीजा है और उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है। ईरानी विदेश मंत्री ने बयान जारी कर कहा कि वे IAEA के साथ सहयोग जारी रखेंगे, लेकिन किसी भी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। अमेरिकी विदेश विभाग ने IAEA के कदम का स्वागत किया और ईरान से परमाणु सुविधाओं की पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग की। यूरोपीय संघ ने भी बयान जारी कर कहा कि सुरक्षा परिषद को अब इस मामले पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि परमाणु अप्रसार संधि का पालन हो। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा परिषद की बैठक में नए प्रतिबंधों पर चर्चा हो सकती है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था पर और दबाव पड़ेगा। हालांकि, कुछ विश्लेषकों का कहना है कि बातचीत के रास्ते खुले रखने से संकट का शांतिपूर्ण समाधान संभव है, बशर्ते सभी पक्ष लचीला रुख अपनाएं। अगले कुछ हफ्तों में IAEA की अगली रिपोर्ट और सुरक्षा परिषद की बैठक पर विश्व की नजर रहेगी, क्योंकि यह फैसला मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। भारत ने इस घटनाक्रम पर सतर्क प्रतिक्रिया दी है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है, ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि परमाणु अप्रसार संधि के प्रति प्रतिबद्धता सभी देशों को निभानी चाहिए और विवादों का समाधान बातचीत से होना चाहिए। इस बीच, IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा कि एजेंसी ईरान के परमाणु स्थलों की निगरानी जारी रखेगी और किसी भी उल्लंघन की सूचना तुरंत देगी। विश्व समुदाय अब देख रहा है कि सुरक्षा परिषद किस तरह का प्रस्ताव पारित करती है और ईरान उसका कैसे जवाब देता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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