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UN80 में विकास सर्वोच्च प्राथमिकता, भारत की दो‑टूक

28/8/2026, 2:41:19 am
UN80 में विकास सर्वोच्च प्राथमिकता, भारत की दो‑टूक
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संयुक्त राष्ट्र में भारत ने साफ शब्दों में कहा कि UN80 पहल में विकास को सबसे ऊपर रखना होगा। यह पहल संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर शुरू की गई है और इसका मकसद वैश्विक शासन को नया आकार देना है। भारत ने स्पष्ट किया कि बिना विकास के शांति और सुरक्षा के लक्ष्य अधूरे रहेंगे। राजदूत हरीश ने न्यूयॉर्क में आयोजित उच्च‑स्तरीय बैठक में यह बात रखी और बताया कि गरीबी, भुखमरी, जलवायु परिवर्तन और महामारी जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए संसाधन और राजनीतिक इच्छाशक्ति दोनों चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी सबसे बड़ी बाधा है। भारत ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जन‑धन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों को सीधा लाभ पहुँचाया है। इन कार्यक्रमों ने वित्तीय समावेशन, स्वच्छ ईंधन, स्वास्थ्य बीमा और आवास की सुविधा देकर जमीनी स्तर पर बदलाव लाया है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि सुरक्षा परिषद में सुधार के बिना विकास के लक्ष्य पूरे नहीं हो सकते। राजदूत ने कहा कि परिषद का वर्तमान स्वरूप आज की भू‑राजनीतिक वास्तविकताओं को नहीं दर्शाता और इसमें अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और छोटे द्वीपीय देशों को स्थायी सीट मिलनी चाहिए। राजदूत ने अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और छोटे द्वीपीय देशों के साथ सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा और कहा कि दक्षिण‑दक्षिण सहयोग से तकनीक, ज्ञान और श्रेष्ठ प्रथाओं का आदान‑प्रदान तेज होगा। भारत ने अपनी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, जैसे आधार और UPI, को साझा करने की इच्छा जताई। भारत ने UN80 के तहत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, क्षमता निर्माण और वित्तीय सहायता के लिए एक स्पष्ट रोडमैप मांगा। उन्होंने विकसित देशों से अपील की कि वे जलवायु वित्त के वादे पूरे करें और विकासशील देशों को अनुदान आधारित सहायता दें, न कि कर्ज के बोझ तले दबाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विकसित देश अपने वादे पूरे नहीं करते तो विकास की गति धीमी रहेगी, वैश्विक असमानता बढ़ेगी और सतत विकास लक्ष्य 2030 तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। भारत ने बहुपक्षीय मंचों पर सामूहिक जवाबदेही की मांग दोहराई। बैठक के अंत में कई सदस्य देशों ने भारत के रुख का समर्थन किया और अगले चरण में ठोस कार्ययोजना बनाने पर सहमति जताई। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी भारत के प्रस्ताव को सकारात्मक बताया और कहा कि UN80 की सफलता विकास केंद्रित दृष्टिकोण पर निर्भर करेगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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