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यूपी‑बिहार हटाएं तो प्रजनन दर अमेरिका जैसी, बुजुर्गों की चुनौती बढ़ी

19/9/2026, 12:59:15 am
यूपी‑बिहार हटाएं तो प्रजनन दर अमेरिका जैसी, बुजुर्गों की चुनौती बढ़ी
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नई रिपोर्ट के मुताबिक, अगर उत्तर प्रदेश और बिहार को छोड़ दिया जाए तो भारत की प्रजनन दर अमेरिका के बराबर आ गई है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के ताजा चरण से निकला है। सर्वे बताता है कि देश के बाकी 28 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में महिलाएं औसतन 2.1 बच्चे पैदा कर रही हैं। यह संख्या जनसंख्या के स्थिरीकरण के लिए जरूरी पुनरुत्पादन स्तर के बहुत करीब है। लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार में अब भी प्रजनन दर 3.0 से ऊपर बनी हुई है। इन दो राज्यों की बड़ी आबादी की वजह से राष्ट्रीय औसत 2.3 के आसपास पहुंच जाता है। पिछले एक दशक में कई राज्यों ने परिवार नियोजन कार्यक्रमों को तेज किया है। नसबंदी शिविर, गर्भनिरोधक वितरण और जागरूकता अभियान गांव‑गांव तक पहुंचे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से गिरती प्रजनन दर आने वाले 20‑30 साल में बुजुर्गों की तादाद तेजी से बढ़ाएगी। 60 साल से ऊपर की आबादी 2030 तक 15 करोड़ को पार कर सकती है। इस बदलाव का सीधा असर पेंशन योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और श्रम बाजार पर पड़ेगा। युवा कार्यबल की कमी से आर्थिक वृद्धि की रफ्तार धीमी हो सकती है। सरकार अब वृद्धावस्था देखभाल, पेंशन सुधार और कौशल विकास पर जोर दे रही है। नई नीतियों में बुजुर्गों के लिए घर‑आधारित देखभाल और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। जनसंख्या विशेषज्ञ चेताते हैं कि केवल नसबंदी पर जोर देना काफी नहीं है। शिक्षा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को साथ लेकर चलना होगा ताकि प्रजनन दर स्वाभाविक रूप से स्थिर रहे। आंकड़े साफ दिखाते हैं कि जनसंख्या स्थिरीकरण के साथ बुजुर्ग आबादी का प्रबंधन अगली बड़ी चुनौती होगी। नीति निर्माताओं को दीर्घकालिक योजना बनानी होगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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