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भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था: 200+ उपयोगी मामले, ये क्षेत्र बदलेंगे

15/9/2026, 1:53:06 am
भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था: 200+ उपयोगी मामले, ये क्षेत्र बदलेंगे
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भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में नई रफ़्तार आई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और निजी क्षेत्र ने मिलकर 200 से अधिक उपयोगी मामले चिह्नित किए हैं। ये मामले कृषि, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, शहरी योजना और संचार जैसे क्षेत्रों में सीधा असर डालेंगे। किसानों को उपग्रह चित्रों से मिट्टी की नमी और फसल की सेहत की जानकारी मिलेगी। दूरदराज के गांवों में टेलीमेडिसिन के लिए सैटेलाइट लिंक उपयोगी साबित होंगे। बाढ़ और भूकंप की पूर्व चेतावनी के लिए रडार और ऑप्टिकल सेंसर लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में ट्रैफिक और प्रदूषण की निगरानी उपग्रह डेटा से होगी। ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने के लिए लो‑अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट कंसल्टेशन चल रही है। निजी स्टार्टअप अब लॉन्च व्हीकल और सैटेलाइट निर्माण में भाग ले रहे हैं। सरकार ने स्पेस नीति 2023 के तहत निवेश और निर्यात को आसान बनाया है। अंतरिक्ष बीमा और वित्तीय सेवाओं का बाजार भी खुल रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि 2030 तक भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 13 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। इसरो के चंद्रयान‑3 और गगनयान मिशन ने विश्व मंच पर भरोसा बढ़ाया है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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