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भारत में बनेगी जैवलिन मिसाइल, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने किया बड़ा करार

31/8/2026, 6:21:30 am
भारत में बनेगी जैवलिन मिसाइल, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने किया बड़ा करार
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भारत की रक्षा ताकत में एक और बड़ा कदम जुड़ गया है। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने अमेरिकी कंपनी के साथ मिलकर जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल का उत्पादन भारत में ही करने का करार किया है। इस समझौते के तहत मिसाइल के अहम हिस्से देश में ही बनाए जाएंगे और असेंबली भी यहीं होगी। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इससे सेना की मारक क्षमता काफी बढ़ेगी और विदेशी खरीद पर निर्भरता घटेगी। जैवलिन मिसाइल दुनिया की सबसे आधुनिक एंटी-टैंक मिसाइलों में गिनी जाती है। यह ‘फायर एंड फॉरगेट’ तकनीक पर काम करती है, यानी दागने के बाद ऑपरेटर को निशाने पर नजर रखने की जरूरत नहीं होती। पहाड़ी और रेगिस्तानी इलाकों में भी यह सटीक वार करती है। पूर्वी लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इसकी तैनाती सेना के लिए बेहद अहम साबित होगी। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के सीईओ ने कहा कि इस करार से ‘मेक इन इंडिया’ को नई रफ्तार मिलेगी। तकनीक हस्तांतरण के साथ-साथ भारतीय इंजीनियरों को अत्याधुनिक मिसाइल तकनीक पर काम करने का मौका मिलेगा। भविष्य में इस सुविधा का इस्तेमाल दूसरे हथियार प्रणालियों के उत्पादन में भी किया जा सकेगा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग की गहराई दिखाता है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों ने कई बड़े रक्षा सौदे किए हैं, जिनमें एमक्यू-9बी ड्रोन और जीई-एफ414 इंजन शामिल हैं। जैवलिन का स्वदेशी उत्पादन न केवल लागत घटाएगा, बल्कि रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता भी आसान बनाएगा। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहली खेप अगले दो-तीन साल में तैयार हो सकती है। शुरुआती चरण में सालाना करीब 500 मिसाइल बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे बाद में बढ़ाया जाएगा। इससे सेना को त्वरित आपूर्ति मिलेगी और ऑपरेशनल तैयारियां मजबूत होंगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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