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भारत-अमेरिका साझेदारी: अंतरिक्ष से समुद्र तक सहयोग का विस्तार

17/9/2026, 9:41:35 pm
भारत-अमेरिका साझेदारी: अंतरिक्ष से समुद्र तक सहयोग का विस्तार
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भारत और अमेरिका के रिश्तों में उतार‑चढ़ाव के बावजूद साझेदारी मजबूत बनी हुई है। विदेश मंत्रालय की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों देश अंतरिक्ष, तकनीक और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसरो और नासा ने गगनयान अभियान के लिए तकनीकी आदान‑प्रदान तेज किया है और संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं। क्वाड फ्रेमवर्क के तहत समुद्री निगरानी और स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना और अमेरिकी प्रशांत बेड़े ने हाल ही में एक बड़ा अभ्यास पूरा किया। तकनीकी क्षेत्र में सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और 5जी मानकों पर संयुक्त अनुसंधान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे दोनों देशों के स्टार्टअप को सीधा लाभ मिल रहा है। दोनों पक्षों ने व्यापार बाधाओं को कम करने के लिए नए समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे द्विपक्षीय व्यापार 2024 में 190 अरब डॉलर को पार कर गया और 2025 की पहली छमाही में 100 अरब डॉलर का आंकड़ा छू लिया। रक्षा क्षेत्र में भी प्रगति दिखी है; अमेरिका ने भारत को अत्याधुनिक ड्रोन, मिसाइल रक्षा प्रणालियों और संयुक्त प्रशिक्षण मॉड्यूल की आपूर्ति तेज की है। हालांकि कुछ मुद्दों पर मतभेद बरकरार हैं, जैसे मानवाधिकार रिपोर्ट और व्यापार शुल्क, लेकिन दोनों देश बातचीत के रास्ते खुले रखे हुए हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि यह साझेदारी "रणनीतिक विश्वास" पर टिकी है और भविष्य में और गहरी होगी। दोनों देशों ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त शोध कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें सौर ऊर्जा और कार्बन कैप्चर तकनीक पर ध्यान केंद्रित है। स्वास्थ्य क्षेत्र में कोविड‑19 के बाद वैक्सीन उत्पादन और महामारी तैयारी पर सहमति बनी है, जिससे भारतीय फार्मा कंपनियों को अमेरिकी बाजार में आसान पहुंच मिलेगी। शिक्षा और सांस्कृतिक आदान‑प्रदान के लिए नए छात्रवृत्ति कार्यक्रम घोषित किए गए हैं, जिससे हर साल हज़ारों भारतीय छात्र अमेरिकी विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर सकेंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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