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भारत

नौसेना को दो और MQ-9B सी गार्डियन ड्रोन मिलेंगे, समुद्री निगरानी मजबूत होगी

17/8/2026, 5:26:20 am
नौसेना को दो और MQ-9B सी गार्डियन ड्रोन मिलेंगे, समुद्री निगरानी मजबूत होगी
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नई दिल्ली: भारतीय नौसेना को जल्द ही दो और MQ-9B सी गार्डियन ड्रोन मिलने वाले हैं। रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स के साथ 1,943 करोड़ रुपये का समझौता किया है। ये ड्रोन लंबी दूरी तक उड़ान भरने और 30 घंटे से अधिक समय तक हवा में रहने की क्षमता रखते हैं। इनमें आधुनिक रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर और सैटेलाइट लिंक लगे हैं, जिससे दिन‑रात और खराब मौसम में भी समुद्र के बड़े हिस्से पर नजर रखी जा सकती है। समझौते के तहत ड्रोन की आपूर्ति अगले दो साल में पूरी होगी। नौसेना को पहले चरण में दो MQ‑9B पहले ही मिल चुके हैं और वे पहले से ही ऑपरेशनल हैं। नए ड्रोन आने के बाद कुल चार सी गार्डियन नौसेना के बेड़े में शामिल हो जाएंगे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ये ड्रोन चीन और पाकिस्तान की नौसैनिक गतिविधियों पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाएंगे। साथ ही समुद्री तस्करी, अवैध मछली पकड़ और प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी भी आसान होगी। सरकार ने इस सौदे को “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक कदम बताया है। जनरल एटॉमिक्स भारत में रखरखाव और प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित करेगी, जिससे स्थानीय तकनीकी क्षमता बढ़ेगी। नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन की लंबी उड़ान अवधि और उच्च‑रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग से समुद्री सीमा की सुरक्षा और खुफिया जानकारी जुटाने में बड़ी मदद मिलेगी। आने वाले महीनों में ड्रोन की तैनाती अंडमान‑निकोबार और लक्षद्वीप के रणनीतिक ठिकानों पर की जाएगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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