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भारत

भारतीय धर्मगुरुओं ने ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात की, शांति का संदेश दिया

11/9/2026, 8:23:20 pm
भारतीय धर्मगुरुओं ने ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात की, शांति का संदेश दिया
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भारतीय धर्मगुरुओं का एक प्रतिनिधिमंडल 12 सितंबर को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में हिंदू, मुस्लिम, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के वरिष्ठ नेता शामिल थे। वे राष्ट्रपति भवन में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी से आधिकारिक मुलाकात के लिए आमंत्रित किए गए थे। बैठक में दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया के मौजूदा तनाव, अफगानिस्तान की स्थिति और परमाणु समझौते पर चर्चा की। भारतीय गुरुओं ने कहा कि भारत की परंपरा शांति, सहअस्तित्व और वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देती है। उन्होंने विश्व समुदाय से अपील की कि विवादों को हिंसा के बजाय बातचीत से सुलझाया जाए और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी जाए। राष्ट्रपति रईसी ने प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया और भारत-ईरान के सांस्कृतिक संबंधों की गहराई बताई। उन्होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद, चरमपंथ और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ मिलकर काम करेंगे। रईसी ने क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए संयुक्त तंत्र बनाने का प्रस्ताव रखा और भारत के सहयोग की सराहना की। दोनों पक्षों ने एक संयुक्त बयान जारी कर बताया कि यह मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देगी। बयान में कहा गया कि भविष्य में धार्मिक नेताओं, विद्वानों और युवाओं के बीच नियमित आदान-प्रदान होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहल से जनमानस में सकारात्मक संदेश जाता है और कट्टरता पर अंकुश लगता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी बैठक का स्वागत किया और इसे “सांस्कृतिक कूटनीति का मजबूत उदाहरण” बताया। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के साथ शांति और स्थिरता के लिए साझा प्रयास जारी रहेंगे। बैठक के दौरान भारतीय गुरुओं ने ईरान के ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करने की इच्छा जताई। रईसी ने उन्हें इस्फहान, शिराज और पर्सेपोलिस जैसे स्थलों का दौरा कराने का वादा किया। दोनों पक्षों ने सांस्कृतिक उत्सवों, शैक्षणिक आदान-प्रदान और मीडिया सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ईरानी मीडिया से बातचीत में कहा कि शांति का संदेश केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कार्यों में दिखना चाहिए। ईरानी धार्मिक नेताओं ने भी भारत के विविधतापूर्ण समाज की सराहना की और सहयोग की इच्छा व्यक्त की। दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों ने बैठक के नतीजों को द्विपक्षीय एजेंडा में शामिल करने का निर्देश दिया। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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