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मक्का रक्षा गठबंधन में ईरान की एंट्री पर शर्त, रेज़ाई ने रखी ये मांग

24/8/2026, 2:27:10 pm
मक्का रक्षा गठबंधन में ईरान की एंट्री पर शर्त, रेज़ाई ने रखी ये मांग
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ईरान ने मक्का स्थित इस्लामिक मिलिट्री काउंटर टेररिज्म कोएलिशन (आईएमसीटीसी) में शामिल होने का संकेत दिया है, लेकिन एक सख्त शर्त के साथ। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसेन रेज़ाई ने कहा है कि अगर यह गठबंधन "आतंकवाद से लड़ने तक सीमित रहे" और किसी देश के खिलाफ "राजनीतिक हथियार" न बने, तो ईरान इसका हिस्सा बन सकता है। रेज़ाई का यह बयान तेहरान के सरकारी मीडिया पर जारी हुआ। उन्होंने साफ किया कि ईरान क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोग का पक्षधर है, लेकिन किसी भी सैन्य गठबंधन को "एकपक्षीय हित साधने" का जरिया नहीं बनने देगा। जानकार मानते हैं कि यह शर्त सीधे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले उस ढांचे को लेकर है, जिसे ईरान लंबे समय से अपने खिलाफ मानता रहा है। आईएमसीटीसी की घोषणा 2015 में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने की थी। इसमें 41 मुस्लिम बहुल देश शामिल हैं। इसका घोषित मकसद आतंकवाद का मुकाबला करना है, लेकिन ईरान और उसके सहयोगी इसे सुन्नी देशों का शिया विरोधी मोर्चा बताते रहे हैं। पिछले साल चीन की मध्यस्थता में सऊदी-ईरान राजनयिक रिश्ते बहाल हुए थे। उसके बाद से दोनों पक्षों में व्यापार, उड़ानें और सुरक्षा वार्ता आगे बढ़ी है। रेज़ाई का ताजा बयान इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर ईरान वाकई शामिल होता है, तो यह पश्चिम एशिया की सुरक्षा संरचना में बड़ा बदलाव होगा। लेकिन शर्तों पर सहमति बनना आसान नहीं होगा, क्योंकि दोनों मुल्कों के बीच यमन, सीरिया और लेबनान जैसे मुद्दों पर गहरे मतभेद बरकरार हैं।
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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