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ईरान संघर्ष से यूरोप की हवाई रक्षा पर दबाव, पैट्रियट मिसाइलों की कमी गहराई

27/8/2026, 4:16:33 am
ईरान संघर्ष से यूरोप की हवाई रक्षा पर दबाव, पैट्रियट मिसाइलों की कमी गहराई
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ईरान में जारी संघर्ष का असर अब यूरोप की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल प्रणाली का भंडार तेजी से खत्म हो रहा है, क्योंकि नाटो देशों को अपनी हवाई रक्षा मजबूत करनी पड़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर रूस ने अपनी मिसाइल क्षमता बढ़ाई तो यूरोप के लिए खतरा और बढ़ सकता है। पिछले कुछ महीनों में ईरान ने कई बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण किए हैं। इससे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा है और अमेरिका ने अपने सहयोगियों को अतिरिक्त पैट्रियट बैटरी भेजने का फैसला किया है। लेकिन अमेरिकी गोदामों में पहले से ही सीमित संख्या में मिसाइलें बची हैं। नाटो के यूरोपीय सदस्य देश अब अपनी वायु रक्षा के लिए इन मिसाइलों पर निर्भर हैं। जर्मनी, पोलैंड और बाल्टिक देशों ने हाल ही में अतिरिक्त पैट्रियट सिस्टम की मांग की है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने बताया कि वर्तमान स्टॉक केवल अगले छह महीने तक की जरूरत पूरी कर सकता है। इसके बाद नई मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाना होगा, जिसमें समय लगेगा। रूस ने हाल ही में अपनी नई इस्कंदर-एम मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया है। यह प्रणाली कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को निशाना बनाने में सक्षम है। नाटो विश्लेषकों का मानना है कि रूस इस क्षमता का उपयोग यूरोपीय सीमाओं पर दबाव बनाने के लिए कर सकता है। इस स्थिति में यूरोपीय देश अपनी रक्षा रणनीति की समीक्षा कर रहे हैं। कुछ देश स्वदेशी मिसाइल रक्षा विकसित करने पर विचार कर रहे हैं, जबकि अन्य अमेरिका से त्वरित आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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