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ईरान-ओमान समझौते के बीच अमेरिका की बमबारी की धमकी, ट्रंप क्यों भड़के?

18/8/2026, 11:00:53 pm
ईरान-ओमान समझौते के बीच अमेरिका की बमबारी की धमकी, ट्रंप क्यों भड़के?
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पश्चिमी एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान और ओमान ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक की जिसमें दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक मार्गों पर सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया। यह बातचीत ऐसे वक्त हुई जब ईरान अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दे पर उलझा हुआ है और वॉशिंगटन ने तेहरान को बमबारी की चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन को 90 प्रतिशत तक ले जाता है तो अमेरिका आवश्यकता पड़ने पर सैन्य कार्रवाई करेगा। ट्रंप के इस बयान से खाड़ी के देशों में चिंता फैल गई है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान-ओमान समझौते को सकारात्मक कदम बताया, जबकि इजरायल ने आगाह किया कि कोई भी सैन्य कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता को बिगाड़ सकती है। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि ओमान के साथ हुए समझौते का मुख्य मकसद हार्मूज जलडमरू मध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी सैन्य वृद्धि तेल की आपूर्ति और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। ओमान के विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष संयुक्त गश्त बढ़ाने और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने पर सहमत हुए हैं, जिससे समुद्री डकैती और तस्करी पर लगाम लगेगी। अमेरिका की धमकी के पीछे मुख्य वजह ईरान का तेजी से बढ़ता यूरेनियम संवर्धन स्तर माना जा रहा है। वॉशिंगटन का मानना है कि 90 प्रतिशत संवर्धन हासिल होने पर ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम हो जाएगा। इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि किसी भी सैन्य टकराव से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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