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ईरान में पेट्रोल 12% महंगा, 15% ग्राहकों पर सीधा असर

8/9/2026, 2:21:30 am
ईरान में पेट्रोल 12% महंगा, 15% ग्राहकों पर सीधा असर
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ईरान सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 12 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें 8 सितंबर से लागू हो गई हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार केवल 15 प्रतिशत ग्राहकों पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ेगा। शेष 85 प्रतिशत उपभोक्ता पहले से सब्सिडी वाली दर पर पेट्रोल खरीदते रहेंगे। देश में महंगाई पहले से ही आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही है। खाद्य पदार्थ, परिवहन और बिजली के दाम पिछले छह महीने में लगातार बढ़े हैं। पेट्रोल महंगा होने से रोजमर्रा का खर्च और बढ़ेगा, खासकर उन परिवारों पर जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। छोटे कारोबारी, ऑटो चालक और टैक्सी चलाने वाले सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस कदम से सरकारी खजाने को कुछ राहत मिलेगी, लेकिन गरीब तबके की चिंता बढ़ेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है। सरकार का तर्क है कि सब्सिडी का बोझ कम करने के लिए यह कदम जरूरी था। वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्व घाटा कम करने के लिए पेट्रोल की कीमत बाजार के अनुरूप की जा रही है। विपक्षी दलों ने इस फैसले को जनविरोधी बताया और संसद में बहस की मांग की है। कई सांसदों ने कहा कि सरकार को गरीबों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक उपाय खोजने चाहिए। सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी जता रहे हैं। कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं और कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए। विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार लक्षित सब्सिडी योजना लाकर केवल जरूरतमंदों को राहत दे सकती है। इससे महंगाई का असर कम होगा और राजस्व भी सुधरेगा। ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही प्रतिबंधों और मुद्रा अवमूल्यन के दबाव में है। पेट्रोल की कीमत बढ़ने से निर्यात क्षेत्र पर भी असर पड़ सकता है। जनता की नाराजगी को देखते हुए सरकार ने अगले महीने एक समीक्षा बैठक बुलाई है। इसमें सब्सिडी ढांचे में बदलाव पर चर्चा होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार समय पर कदम नहीं उठाती तो महंगाई दर 40 फीसदी के पार जा सकती है। आम आदमी को राहत मिलनी चाहिए। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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