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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सितंबर में भारत आएंगे, ब्रिक्स सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

13/8/2026, 10:01:34 pm
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सितंबर में भारत आएंगे, ब्रिक्स सम्मेलन में लेंगे हिस्सा
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सितंबर 2026 में भारत आएंगे। वे नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह दौरा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई दे सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियन के बीच कई अहम मुद्दों पर सीधी बातचीत तय है। व्यापार, ऊर्जा, संपर्क और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों ने पहले से ही रूपरेखा तैयार की है। चाबहार बंदरगाह परियोजना इसमें केंद्रीय भूमिका निभाएगी। चाबहार के माध्यम से भारत मध्य एशिया और यूरोप तक माल पहुंचाने का एक सस्ता रास्ता ढूंढ रहा है। ईरान भी इस बंदरगाह से अपने निर्यात को बढ़ाना चाहता है। तेल और गैस की आपूर्ति पर भी चर्चा होगी। भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का एक बड़ा हिस्सा ईरान से पूरा करना चाहता है, बशर्ते प्रतिबंधों की बाधा दूर हो। आतंकवाद विरोधी सहयोग और सीमा सुरक्षा पर भी दोनों देश मिलकर काम करने की योजना बना रहे हैं। खासकर अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति को देखते हुए यह अहम है। ब्रिक्स में भारत, चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका पहले से सदस्य हैं। ईरान की भागीदारी से समूह का भौगोलिक दायरा बढ़ेगा और नई आर्थिक संभावनाएं खुलेंगी। सम्मेलन में वैश्विक आर्थिक सुधार, जलवायु परिवर्तन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। ईरान अपने दृष्टिकोण से इन मुद्दों पर आवाज़ उठाना चाहता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि दौरे का विस्तृत कार्यक्रम अगले कुछ हफ्तों में जारी किया जाएगा। दोनों पक्षों के अधिकारी पहले ही तकनीकी बैठकें कर चुके हैं। पिछले वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में उतार‑चढ़ाव रहा है, खासकर परमाणु समझौते और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण। अब नई सरकार की पहल से माहौल सुधर रहा है। भारत ने हमेशा ईरान के साथ सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को महत्व दिया है। दोनों देशों के बीच लोगों का आवागमन भी बढ़ रहा है। इस यात्रा से क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक वृद्धि को बल मिलेगा। दोनों देश एक‑दूसरे की चिंताओं को समझने और साझा हितों को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। दोनों पक्षों के अधिकारी अगले महीने फिर मिलकर अंतिम विवरण तय करेंगे। और सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी होंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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