लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

इजरायल ने यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद किया, 12 ब्रिटिश अधिकारियों पर प्रतिबंध

8/9/2026, 4:32:59 am
इजरायल ने यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद किया, 12 ब्रिटिश अधिकारियों पर प्रतिबंध
Original publisher image
इजरायल की सरकार ने यरुशलम में स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की है। साथ ही, ब्रिटेन के 12 अधिकारियों पर यरुशलम में प्रवेश और दूतावासी कामकाज करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस फैसले की जानकारी इजरायली विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान से सामने आई। सरकार का कहना है कि ये ब्रिटिश अधिकारी यरुशलम के संवेदनशील क्षेत्रों में गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं, जिसमें स्थानीय प्रशासन के काम में बाधा डालना और अवैध निधि प्रवाह को सुविधा देना शामिल है। अधिकारियों का आरोप है कि ये कार्रवाई इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालती है, इसलिए उनके खिलाफ यात्रा प्रतिबंध और संपत्ति freeze जैसे कदम उठाए गए हैं। ब्रिटेन की प्रतिक्रिया त्वरित रही। ब्रिटिश विदेश कार्यालय ने इस कार्रवाई को अव्यवहारिक और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक मानकों के विपरीत बताया है। लंदन ने कहा कि वह अपने अधिकारियों की सुरक्षा और दूतावासी विशेषाधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा, जिसमें इस मामले को संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर उठाना भी शामिल है। इस घटना का असर यरुशलम में स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास के माध्यम से प्रदान की जाने वाली वीजा, व्यापार और सांस्कृतिक सेवाओं पर पड़ेगा। दूतावास के बंद होने से ब्रिटिश नागरिकों और स्थानीय कारोबारियों को दस्तावेजीकरण और व्यापारिक सुविधाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की तलाश करनी पड़ सकती है। साथ ही, इजरायल में रह रहे ब्रिटिश समुदाय को भी परामर्श और सहायता प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पिछले कुछ महीनों में इजरायल-यूके संबंधों में बढ़ी हुई तनाव को दर्शाता है। हाल ही में यरुशलम के पूर्वी हिस्से में बस्ती विस्तार और मानवाधिकार मुद्दों पर दोनों देशों के बीच असहमति देखी गई है। कुछ विश्लेषक इसे इजरायल की ओर से अपनी क्षेत्रीय नीति को मजबूत करने और अंतर्राष्ट्रीय दबाव का सामना करने की रणनीति का हिस्सा बताते हैं। देश के विदेश नीति विशेषज्ञ बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा चिंताओं के आधार पर राजनयिक मिशनों पर प्रतिबंध लगाने की प्रवृत्ति बढ़ी है; यूरोप के कई देशों के दूतावासी अधिकारियों पर इसी तरह की पाबंदी लगाई गई जब उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के आरोप लगे। यह कदम इजरायल की संप्रभुता को बनाए रखने और जटिल अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में संतुलन बनाने की उसकी व्यापक रणनीति को दर्शाता है। राजनयिक विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि लंबे समय तक निलंबन जारी रहने से व्यापार और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर असर पड़ सकता है। अब देखना होगा कि इस विवाद का समाप्त कैसे होता है और क्या दोनों पक्ष बातचीत के माध्यम से किसी मध्यम मार्ग पर पहुँच पाते हैं। तक तब तक, यरुशलम में ब्रिटिश दूतावास की सेवाएं निलंबित रहेंगी और संबंधित अधिकारियों पर लगाए गए प्रतिबंध जारी रहेंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

संबंधित