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कश्मीर की एकलौती महिला MMA फाइटर फ़िज़ा नज़ीर: पिता का सपना पूरा करने उतरी केज में

8/9/2026, 12:55:38 pm
कश्मीर की एकलौती महिला MMA फाइटर फ़िज़ा नज़ीर: पिता का सपना पूरा करने उतरी केज में
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जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले की 24 वर्षीय फ़िज़ा नज़ीर आज राज्य की एकमात्र महिला मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) फाइटर हैं। उनके पिता नज़ीर अहमद खुद एक पहलवान थे और बेटी को भी खेल में आगे देखना चाहते थे। 2018 में पिता की मौत के बाद फ़िज़ा ने तय किया कि वह उनका सपना पूरा करेंगी। शुरुआत में परिवार और समाज ने सवाल उठाए। "लड़कियां केज में नहीं लड़तीं" — ऐसी बातें आम थीं। मगर फ़िज़ा ने ट्रेनिंग जारी रखी। उन्होंने श्रीनगर के एक छोटे जिम में बॉक्सिंग, रेसलिंग और ब्राजीलियन जिउ-जित्सु सीखा। कोच उमर फारूक ने उनकी प्रतिभा पहचानी और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स के लिए तैयार किया। 2022 में फ़िज़ा ने दुबई में हुई एशियन MMA चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। अगले साल बैंकॉक में उन्होंने स्वर्ण अपने नाम किया। हर जीत के बाद वह कहती रहीं: "मेरी जगह अस्पताल में नहीं, फाइटिंग केज में है।" यह वाक्य उनके पिता ने कभी उनसे कहा था जब चोट लगने पर डॉक्टर ने आराम की सलाह दी थी। आज फ़िज़ा घाटी की युवा लड़कियों के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं। वह हफ्ते में छह दिन ट्रेनिंग करती हैं और स्थानीय स्कूलों में सेल्फ-डिफेंस वर्कशॉप भी चलाती हैं। जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल ने उन्हें आर्थिक सहायता दी है, मगर सुविधाएं अब भी सीमित हैं। फ़िज़ा का अगला लक्ष्य प्रोफेशनल लीग UFC में क्वालिफाई करना है। वह कहती हैं: "पापा ने मुझे शेरनी बनाया था। अब मैं उनकी आवाज़ बनकर दुनिया को दिखाऊंगी कि कश्मीर की बेटियां किसी से कम नहीं।"
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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