लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

जयशंकर ने जेलेंस्की से कहा: रूस से तेल खरीदना भारत का संप्रभु फैसला, सम्मान जरूरी

3/9/2026, 2:58:54 am
जयशंकर ने जेलेंस्की से कहा: रूस से तेल खरीदना भारत का संप्रभु फैसला, सम्मान जरूरी
Original publisher image
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट चर्चा चली। बैठक का मुख्य फोकस रूस-यूक्रेन युद्ध और इसके वैश्विक असर पर रहा। जेलेंस्की ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार ताकत बनकर उभरा है। यूक्रेन शांति प्रक्रिया में भारत की भूमिका अहम हो सकती है। लेकिन जब रूस से कच्चे तेल की खरीद का मुद्दा उठा, तो जयशंकर ने साफ शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भारत की प्राथमिकता है। रूस से तेल खरीदना एक संप्रभु आर्थिक फैसला है। हर देश अपनी जनता के हित में निर्णय लेता है। भारत के फैसलों का सम्मान होना चाहिए। जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत युद्ध का समर्थन नहीं करता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि यह दौर युद्ध का नहीं है। भारत बातचीत और कूटनीति से समाधान चाहता है। यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करता है। दोनों पक्ष मानवीय सहायता बढ़ाने पर सहमत हुए। भारत यूक्रेन को दवाएं, चिकित्सा उपकरण और बिजली उपकरण भेजता रहेगा। जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा से भी द्विपक्षीय संबंधों पर बात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब G-20 और संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठकें नजदीक हैं। भारत की कोशिश है कि वैश्विक मंचों पर ग्लोबल साउथ की आवाज बुलंद हो। रूस-यूक्रेन युद्ध ने खाद्य और ऊर्जा संकट बढ़ाया है। विकासशील देश सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

संबंधित