लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

यूक्रेन-रूस संघर्ष पर भारत का स्पष्ट रुख: जयशंकर बोले- बातचीत और कूटनीति ही शांति का मार्ग

4/9/2026, 7:18:45 am
यूक्रेन-रूस संघर्ष पर भारत का स्पष्ट रुख: जयशंकर बोले- बातचीत और कूटनीति ही शांति का मार्ग
Original publisher image
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को जeneva में आयोजित एक उच्चस्तरीय सम्मेलन में यूक्रेन-रूस युद्ध पर भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि केवल बातचीत और कूटनीति से ही शांति स्थापित की जा सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी पक्षों को तुरंत युद्धविराम पर सहमत होना चाहिए और वार्ता की मेज पर लौटना चाहिए। जयशंकर ने उल्लेख किया कि भारत ने मानवीय सहायता के रूप में दवाएँ, खाद्य सामग्री और आवश्यक आपूर्ति दोनों देशों के नागरिकों को भेजी है, साथ ही घायलों के लिए अस्थायी चिकित्सा शिविर भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि भारत लगातार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तटस्थ posture बनाए रखते हुए संघर्षविराम के प्रस्तावों का समर्थन करता है और किसी भी एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ मतदान करता है। जयशंकर ने कहा किブラックシーregion में समुद्री व्यापार पर पड़े प्रतिबंधों को हटाने के लिए बातचीत आवश्यक है, जिससे अनाज और उर्वरकों की आपूर्ति बहाल हो सके और वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सके। विदेश मंत्री ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की और रूस के नेतृत्व के साथ बातचीत की संभावना पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी पक्ष को पक्षधरता नहीं दे रहा है, बल्कि शांति की दिशा में निर्माणात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि दीर्घकालिक समाधान के लिए दोनों देशों की सुरक्षा चिंताओं को संबोधित करते हुए एक संतुलित समझौता खोजना होगा। भारत के आर्थिक हितों का उल्लेख करते हुए जयशंकर ने कहा कि देश ने रूस से कम कीमत पर कच्चे तेल की खरीद जारी रखी है, जिससे अपने उपभोक्ताओं को ऊर्जा कीमतों में अचानक वृद्धि से बचाया जा सके। साथ ही, उन्होंने बताया कि भारत ने यूक्रेन को कृषि उपकरण और बीजों की आपूर्ति बढ़ाकर उसके कृषि क्षेत्र को समर्थन देने की पहल की है। अंत में, उन्होंने भारत के नागरिकों से अपील की कि वे शांति के पक्ष में अपनी आवाज उठाते रहें और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में योगदान देते रहें। जयशंकर ने भरोसा दिलाया कि भारत आगामी जी20 शिखर सम्मेलन में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा और शांतिपूर्ण समाधान के लिए सभी देशों को एक मंच पर लाने का प्रयास करेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

संबंधित