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जापान के रक्षा मंत्री का यासुकुनी मंदिर दौरा, चीन‑दक्षिण कोरिया में तनाव

15/8/2026, 5:30:57 am
जापान के रक्षा मंत्री का यासुकुनी मंदिर दौरा, चीन‑दक्षिण कोरिया में तनाव
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15 अगस्त 2026 को जापान के रक्षा मंत्री ने टोक्यो स्थित यासुकुनी मंदिर का दौरा किया और वहां पूजा‑अर्चना में हिस्सा लिया। यासुकुनी मंदिर द्वितीय विश्व युद्ध में मारे गए जापानी सैनिकों की याद में बनाया गया है, लेकिन इसमें कुछ ऐसे लोगों के नाम भी दर्ज हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने युद्ध अपराधी घोषित किया था। चीन के विदेश मंत्रालय ने तुरंत एक कड़ा बयान जारी किया और कहा कि रक्षा मंत्री की यह यात्रा शहीदों के परिवारों की भावनाओं को आहत करती है तथा पूर्वी एशिया की शांति और स्थिरता को खतरे में डालती है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति भवन ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी और जापान से अपील की कि वह ऐतिहासिक तथ्यों का सामना करे, माफी मांगे और भविष्य के सहयोग के लिए विश्वास बहाली के कदम उठाए। प्रधानमंत्री फ़ुमियो किशिदा ने तुरंत स्पष्ट किया कि वह इस दौरे में शामिल नहीं हैं और यह व्यक्तिगत आस्था का मामला है, न कि सरकार की आधिकारिक नीति। उन्होंने कहा कि जापान शांति और सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। जापानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दावा किया कि यासुकुनी मंदिर जाना देश का आंतरिक मामला है और संप्रभुता के अधिकार के तहत आता है, इसलिए किसी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से पूर्वी एशिया में सुरक्षा संवाद, व्यापार वार्ता और निवेश संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, खासकर जब दोनों पक्ष पहले से ही सीमा और प्रौद्योगिकी विवादों में उलझे हैं। चीन और दक्षिण कोरिया ने संयुक्त रूप से जापान से मांग की कि वह इतिहास पर ईमानदार आत्म‑निरीक्षण करे, युद्ध अपराधों को स्वीकार करे और शांति के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि क्षेत्र में विश्वास फिर से कायम हो सके। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बयानों और कूटनीतिक गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, क्योंकि तनाव बढ़ने से क्षेत्र की स्थिरता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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