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एफसीआरए बिल की जांच के लिए जेपीसी गठित, संजय जायसवाल बने अध्यक्ष

3/9/2026, 4:02:47 am
एफसीआरए बिल की जांच के लिए जेपीसी गठित, संजय जायसवाल बने अध्यक्ष
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संसद ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक यानी एफसीआरए बिल की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित कर दी है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को 31 सदस्यों वाली इस कमेटी की घोषणा की। इसकी अध्यक्षता भाजपा सांसद संजय जायसवाल करेंगे। समिति में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्य शामिल हैं। भाजपा की ओर से निशिकांत दुबे, रवि किशन, हेमा मालिनी और प्रवेश साहिब सिंह वर्मा जैसे नाम हैं। कांग्रेस से मनीष तिवारी, गौरव गोगोई और के. सुरेश को जगह मिली है। तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंद्योपाध्याय, द्रमुक से कनिमोझी, शिवसेना (उद्धव गुट) से अरविंद सावंत और जदयू से राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह भी सदस्य हैं। एफसीआरए कानून विदेशी चंदे पर नजर रखता है। गैर‑सरकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और मीडिया घरानों को विदेश से पैसा लेने के लिए इसके तहत पंजीकरण कराना होता है। सरकार ने पिछले साल इसमें संशोधन का प्रस्ताव रखा था। विपक्ष ने कई प्रावधानों पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि नए नियमों से सामाजिक कार्यकर्ताओं और छोटे एनजीओ का कामकाज मुश्किल हो जाएगा। जेपीसी का काम विधेयक के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल करना है। यह हितधारकों की राय लेगी, विशेषज्ञों को बुलाएगी और फिर संसद को रिपोर्ट सौंपेगी। समिति के पास तीन महीने का समय है। जरूरत पड़ने पर अवधि बढ़ाई जा सकती है। संजय जायसवाल बिहार के पश्चिम चंपारण से सांसद हैं। वे भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। संसदीय कार्यप्रणाली की समझ रखने वाले जायसवाल को यह जिम्मेदारी देना सरकार की रणनीति माना जा रहा है। विपक्षी सदस्यों की मौजूदगी से बहस गरम रहने के आसार हैं। विधेयक पर अंतिम फैसला जेपीसी की रिपोर्ट के बाद ही होगा। तब तक एफसीआरए के मौजूदा प्रावधान लागू रहेंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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