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कपिल सिब्बल का सुझाव: दल-बदलुओं पर लगे 10 साल का प्रतिबंध, सीजेपी ने दिया समर्थन

14/9/2026, 11:03:56 pm
कपिल सिब्बल का सुझाव: दल-बदलुओं पर लगे 10 साल का प्रतिबंध, सीजेपी ने दिया समर्थन
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वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दल-बदल की समस्या पर बड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी बदलते हैं, उन पर कम से कम 10 साल तक चुनाव लड़ने की पाबंदी लगनी चाहिए। सिब्बल ने यह बात एक कार्यक्रम में कही। उनके मुताबिक मौजूदा दल-बदल कानून कमजोर है और नेता आसानी से उसका तोड़ निकाल लेते हैं। मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) ने सिब्बल के इस प्रस्ताव पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि दल-बदल से लोकतंत्र कमजोर होता है और मतदाताओं का भरोसा टूटता है। सीजेपी ने यह भी जोड़ा कि ऐसे कदम के लिए संविधान संशोधन की जरूरत पड़ेगी, लेकिन यह दिशा सही है। दल-बदल कानून 1985 में बना था। इसके तहत अगर कोई सांसद या विधायक पार्टी छोड़ता है तो उसकी सदस्यता जा सकती है। लेकिन नेता अक्सर गुट बनाकर या विलय का रास्ता अपनाकर बच निकलते हैं। पिछले कुछ सालों में कई राज्यों में सरकारें इसी वजह से गिरी हैं। सिब्बल ने कहा कि 10 साल का प्रतिबंध लगने से नेता दो बार सोचेंगे। उन्होंने यह भी सुझाया कि दल-बदल के मामले तय समय में निपटाए जाएं। अभी ऐसे केस सालों लटके रहते हैं। राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ ने इसे लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया, तो कुछ ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कहा। चुनाव आयोग ने अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। जानकार मानते हैं कि ऐसा कानून बनाने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए। साथ ही आधे राज्यों की विधानसभाओं की मंजूरी भी लगेगी। फिलहाल यह प्रस्ताव बहस की शुरुआत भर है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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