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कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट से की दखल की मांग

2/9/2026, 4:02:07 am
कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट से की दखल की मांग
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राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल उठाया है। सिब्बल ने आयोग की ओर से कई राज्यों में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम काटे जा रहे हैं, जो संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है। सिब्बल ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि SIR के नाम पर चुनाव आयोग मनमानी कर रहा है। कई राज्यों में बिना उचित नोटिस और सुनवाई के मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। इससे खासकर गरीब, वंचित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र की जड़ों पर चोट बताया। पूर्व कानून मंत्री ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 में चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन SIR की मौजूदा प्रक्रिया इस भावना के विपरीत है। सिब्बल ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में तुरंत दखल दे और आयोग को निर्देश जारी करे कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो। चुनाव आयोग की ओर से SIR अभियान उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और कुछ अन्य राज्यों में चलाया जा रहा है। आयोग का तर्क है कि यह डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए जरूरी है। लेकिन विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों का आरोप है कि इसके बहाने वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है। सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह चुनाव आयोग को SIR की प्रक्रिया रोकने या उसमें सुधार करने का आदेश दे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले चुनावों में लाखों योग्य मतदाता अपने अधिकार से वंचित रह जाएंगे। इस मामले पर चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है। जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट अगर इस पर सुनवाई करता है तो मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़े बदलाव आ सकते हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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