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एनडीए की नई टीम की तैयारी: मंत्रालयों में फेरबदल, शिक्षा मंत्रालय पर नजर, 70 पार वालों पर सवाल

3/9/2026, 12:38:19 am
एनडीए की नई टीम की तैयारी: मंत्रालयों में फेरबदल, शिक्षा मंत्रालय पर नजर, 70 पार वालों पर सवाल
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली एनडीए सरकार सितंबर के पहले हफ्ते में कैबिनेट में बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालयों का बंटवारा नए सिरे से किया जाएगा ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले सरकार की छवि मजबूत हो सके। इस कवायद में सबसे ज्यादा नजर शिक्षा मंत्रालय पर है। पिछले कुछ महीनों में नई शिक्षा नीति के अमल और बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों को लेकर विवाद उठे हैं। मंत्रालय को ‘हॉट सीट’ माना जा रहा है और किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी दी जा सकती है। साथ ही, 70 साल की उम्र पार कर चुके मंत्रियों की भूमिका पर भी चर्चा तेज है। पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री ऐसे मंत्रियों को धीरे‑धीरे किनारे करना चाहते हैं ताकि युवा चेहरों को मौका मिले। कैबिनेट फेरबदल की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि 6 या 7 सितंबर को राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। इस बीच, मंत्रियों के नामों की सूची तैयार की जा रही है और सहयोगी दलों से भी सलाह ली जा रही है। संभावित बदलाव में गृह, वित्त और रक्षा जैसे अहम मंत्रालय भी शामिल हो सकते हैं। इन विभागों में नए मंत्री लाकर सरकार नीति निर्धारण में तेजी लाना चाहती है। विपक्ष ने इस कदम को चुनावी रणनीति बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मंत्रालय बदलने से जनता की समस्याएं हल नहीं होंगी। वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि नई टीम विकास की गति तेज करेगी। सहयोगी दलों ने भी अपनी मांगें रखी हैं। जनता दल (यूनाइटेड) ने गृह मंत्रालय में अपने नेता को देखना चाहा है, जबकि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने महाराष्ट्र के विकास कार्यों के लिए अलग मंत्रालय की मांग की है। पिछले कैबिनेट फेरबदल में भी शिक्षा मंत्रालय को लेकर चर्चा रही थी, लेकिन तब कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ था। इस बार प्रधानमंत्री ने साफ संकेत दिए हैं कि प्रदर्शन के आधार पर मंत्रियों को बदला जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान शिक्षा मंत्री के स्थान पर किसी युवा सांसद को लाया जा सकता है, जिसने संसद में शिक्षा सुधार पर सक्रिय भागीदारी दिखाई है। इसके अलावा, वित्त मंत्रालय में भी नए चेहरे की संभावना है, क्योंकि आगामी बजट में राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती होगी। आने वाले दिनों में मंत्रियों के विभागों की घोषणा होगी और फिर संसद के मानसून सत्र में नई टीम की परीक्षा होगी। जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या फेरबदल से शासन में वास्तविक बदलाव आएगा या यह केवल प्रतीकात्मक कदम साबित होगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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