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केरल: मुख्यमंत्री सतीशन ने चेंथी कार्यक्रम छोड़ा, आयोजक के आपराधिक रिकॉर्ड पर विवाद

2/9/2026, 6:14:55 am
केरल: मुख्यमंत्री सतीशन ने चेंथी कार्यक्रम छोड़ा, आयोजक के आपराधिक रिकॉर्ड पर विवाद
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केरल के मुख्यमंत्री सतीशन ने चेंथी सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि आयोजक की पृष्ठभूमि को लेकर पुलिस की ताजा रिपोर्ट चिंताजनक है। इसलिए उन्होंने आमंत्रण को अस्वीकार करना उचित समझा। पुलिस की रिपोर्ट में आयोजक के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें धोखाधड़ी, मारपीट और अवैध वसूली जैसे आरोप शामिल हैं। रिपोर्ट में आयोजक की पृष्ठभूमि को ‘संवेदनशील’ बताया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि सुरक्षा और नैतिकता के आधार पर आमंत्रण ठुकराया गया है। सरकार किसी भी ऐसे आयोजन से दूर रहना चाहती है जिसकी प्रतिष्ठा संदिग्ध हो। इस फैसले को जनहित में लिया गया बताया गया है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के इस कदम को राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने करीबी नेताओं को बचाने के लिए आयोजक की छवि खराब कर रही है। विपक्ष ने जांच की मांग भी की है। आयोजक ने अपनी सफाई में कहा कि सभी मामले पुराने हैं और अदालत में विचाराधीन हैं। उन्होंने दावा किया कि चेंथी कार्यक्रम पूरी तरह से सांस्कृतिक है और किसी राजनीतिक एजेंडे से जुड़ा नहीं है। आयोजक ने निष्पक्ष जांच की अपील की है। स्थानीय मीडिया ने इस विवाद को प्रमुखता से कवर किया है। कई चैनलों ने जनता की राय जानने के लिए ऑनलाइन सर्वेक्षण भी चलाए। सर्वेक्षण में अधिकांश लोगों ने मुख्यमंत्री के फैसले का समर्थन किया है। कुछ नागरिकों ने हालांकि इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला माना है। उन्होंने कहा कि आयोजक को दोषी ठहराए बिना कार्यक्रम में भाग लेना चाहिए था। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया में भी तीखी बहस चल रही है। मुख्यमंत्री ने बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे किसी भी ऐसे आयोजन से दूर रहेंगे जिसकी पृष्ठभूमि संदिग्ध हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। बल्कि यह जनहित और कानून के प्रति प्रतिबद्धता है। चेंथी कार्यक्रम के आयोजकों ने अब नए आमंत्रण भेजे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। संस्कृति विभाग ने कहा कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम की मंजूरी से पहले आयोजक का चरित्र प्रमाणपत्र देखना नियम है। पुलिस की रिपोर्ट को आधार बनाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने कहा कि यदि आयोजक के खिलाफ आरोप सिद्ध होते हैं तो कड़ी कार्रवाई होगी। इस मामले पर आगे की जानकारी जल्द जारी की जाएगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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