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खामेनेई ने मुस्लिम देशों से अमेरिका के विरुद्ध एकता का आह्वान किया

30/8/2026, 8:25:43 pm
खामेनेई ने मुस्लिम देशों से अमेरिका के विरुद्ध एकता का आह्वान किया
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ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने शुक्रवार को टेलीविज़न पर प्रसारित एक संबोधन में मुस्लिम देशों से अमेरिकी नीतियों के विरोध में एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नौसैनिक अभ्यास चला रहा है, जिससे क्षेत्र की स्थिरता खतरे में पड़ गई है। खामेनेई ने सऊदी अरब, तुर्की, पाकिस्तान और मिस्र जैसे प्रमुख मुस्लिम देशों का नाम लेकर उनसे राजनीतिक मतभेद भुलाकर साझा सुरक्षा हितों पर ध्यान देने को कहा। अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए हैं और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को आतंकवादी संगठन घोषित किया है। इसके जवाब में ईरान ने अपने मिसाइल कार्यक्रम को तेज़ किया है और होर्मुज़ के निकट रॉकेट लॉन्चर तैनात किए हैं, जिससे समुद्री मार्गों पर तनाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई की यह अपील घरेलू राजनीति को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान को एक प्रतिरोधी शक्ति के रूप में पेश करने की कोशिश है। हालांकि, कई मुस्लिम देश अमेरिका के साथ आर्थिक और सुरक्षा संबंध रखते हैं, इसलिए इस एकता की व्यावहारिक संभावना अभी अनिश्चित है। खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देशों ने अलग-अलग बयान जारी किए हैं; क़तर और संयुक्त अरब अमीरात ने तनाव कम करने की अपील की है, जबकि सऊदी अरब ने अमेरिकी गठबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। राजनयिक सूत्रों के अनुसार किसी भी गलत कदम से पूर्ण पैमाने पर संघर्ष भड़क सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ेगा और कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल आ सकता है। भारत ने भी इस तनाव पर चिंता जताई है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है, क्योंकि किसी भी संघर्ष का असर भारतीय ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार मार्गों पर पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने स्थिति की निगरानी के लिए विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है और सभी पक्षों से बातचीत के रास्ते खुले रखने का आग्रह किया है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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