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पीएम मोदी की यूरेशियाई कूटनीति: मध्य एशिया में नए आर्थिक रास्ते खोलने की तैयारी

31/8/2026, 12:10:12 am
पीएम मोदी की यूरेशियाई कूटनीति: मध्य एशिया में नए आर्थिक रास्ते खोलने की तैयारी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले कुछ महीनों में कज़ाखस्तान, उज़्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान की यात्राएं तेज़ कर दी हैं। इन यात्राओं का मुख्य मकसद क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करना और भारत के लिए नए आर्थिक गलियारे खोलना है। मोदी की यूरेशियाई कूटनीति इंटरनेशनल नॉर्थ‑साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (आईएनएसटीसी) और चाबाहार बंदरगाह जैसे प्रोजेक्ट पर केंद्रित है, जो भारतीय माल को ईरान के रास्ते यूरोप तक पहुंचा सकते हैं। आगामी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर बैठक में ये मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। एससीओ में रूस, चीन और मध्य एशियाई देश सदस्य हैं, इसलिए यह मंच भारत के लिए बहुपक्षीय वार्ता और साझा परियोजनाओं के लिए उपयुक्त है। मोदी का मानना है कि एससीओ के ज़रिये सीमा‑पार रेल लिंक, ऊर्जा पाइपलाइन और डिजिटल कनेक्टिविटी पर समझौते हो सकते हैं। नए रास्तों से भारत को कई फायदे मिल सकते हैं। मध्य एशिया में तेल, गैस और खनिजों का बड़ा भंडार है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी। साथ ही, इन बाज़ारों की बढ़ती मांग भारतीय निर्माताओं को नए ग्राहक दे सकती है। लॉजिस्टिक्स लागत घटने से भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा भी सुधरेगी। हालांकि कुछ चुनौतियां भी हैं। क्षेत्रीय राजनीतिक तनाव, बुनियादी ढांचे में निवेश की जरूरत और निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करना ज़रूरी है। मोदी सरकार इन बाधाओं को दूर करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन, बहुपक्षीय वित्त समझौते और स्थानीय साझेदारियों पर काम कर रही है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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