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कोलकाता में 919 होटल‑गेस्ट हाउस को बंदी नोटिस, सिर्फ 41 मानकों पर खरे

8/9/2026, 5:07:00 am
कोलकाता में 919 होटल‑गेस्ट हाउस को बंदी नोटिस, सिर्फ 41 मानकों पर खरे
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कोलकाता नगर निगम ने शिखा इन अग्निकांड के बाद बड़ी कार्रवाई की है और शहर के सभी होटलों तथा गेस्ट हाउस की सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। निगम ने शहर के 919 होटल और गेस्ट हाउस को अस्थायी बंदी नोटिस जारी किया है ताकि वे तुरंत अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा करें। यह कदम अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर उठाया गया है क्योंकि पिछले महीने शिखा इन में लगी आग से 12 लोगों की मौत हुई थी। जांच दल ने प्रत्येक परिसर का निरीक्षण किया और केवल 41 स्थान ही सभी मानकों पर खरे उतरे, जबकि शेष 878 में गंभीर कमियां मिलीं। बाकी 878 परिसरों में अग्नि शमन उपकरण, निकास मार्ग और धुआं डिटेक्टर की कमी पाई गई, जिससे आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकलना मुश्किल होता। निगम आयुक्त ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने होटल मालिकों को 15 दिन का समय दिया है ताकि वे कमियों को दूर कर सकें और अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकें। अगर निर्धारित अवधि में सुधार नहीं हुआ तो स्थायी बंदी की कार्रवाई होगी और संबंधित मालिकों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। शिखा इन हादसे में 12 लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे, जिससे पूरे शहर में शोक की लहर फैल गई थी। इस घटना ने पूरे शहर में अग्नि सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए और नागरिकों ने प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की। नागरिक संगठनों ने निगम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है और इसे जनहित में जरूरी कदम बताया है। साथ ही उन्होंने नियमित ऑडिट, कड़े दंड और अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाने की मांग की है। अगले महीने निगम फिर से समीक्षा करेगा और रिपोर्ट सार्वजनिक करेगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे और लोग सुरक्षित महसूस करें। अग्नि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश होटलों में अग्नि शमन यंत्र पुराने थे और उनकी नियमित जांच नहीं होती थी। होटल एसोसिएशन ने निगम के फैसले का स्वागत किया लेकिन छोटे गेस्ट हाउस मालिकों की आर्थिक कठिनाई का भी जिक्र किया। निगम ने कहा कि वह छोटे परिसरों के लिए वित्तीय सहायता योजना पर विचार कर रहा है ताकि वे जल्दी मानक पूरे कर सकें। पिछले वर्ष भी कोलकाता में दो बड़े होटल आग की चपेट में आए थे, जिसके बाद निगम ने सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया था। इस बार की कार्रवाई से उम्मीद है कि शहर के सभी आवासीय और व्यावसायिक परिसर अग्नि सुरक्षा को गंभीरता से लेंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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