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कुशनर का बड़ा बयान: गाजा में इस्राइल की कार्रवाई 'बेतुकी', अमेरिका बढ़ाए दबाव

7/9/2026, 2:19:55 am
कुशनर का बड़ा बयान: गाजा में इस्राइल की कार्रवाई 'बेतुकी', अमेरिका बढ़ाए दबाव
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अमेरिका के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर ने गाजा में इस्राइल की सैन्य कार्रवाई को 'बेतुका' बताकर नई बहस छेड़ दी है। डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद और मध्य-पूर्व शांति प्रक्रिया के प्रमुख वास्तुकार रहे कुशनर ने एक कार्यक्रम में कहा कि इस्राइल की मौजूदा रणनीति न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी आत्मघाती साबित हो रही है। कुशनर का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब व्हाइट हाउस और बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन ने पिछले महीनों में कई बार इस्राइल से संयम बरतने और मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की अपील की है, लेकिन जमीनी हालात में खास बदलाव नहीं दिखा। पूर्व सलाहकार ने कहा, "गाजा में जो हो रहा है, वह किसी भी तर्क से उचित नहीं ठहराया जा सकता। निर्दोष नागरिकों की बड़ी संख्या में मौत और बुनियादी ढांचे का विध्वंस इस्राइल की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए खतरा बन रहा है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका को अपनी लीवरेज का इस्तेमाल करते हुए युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए दबाव बढ़ाना चाहिए। इस्राइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने कुशनर की टिप्पणी पर सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन सत्तारूढ़ लिकुड पार्टी के कुछ नेताओं ने इसे 'आंतरिक मामलों में दखल' बताया। वहीं, फिलिस्तीनी प्राधिकरण और कई अरब देशों ने कुशनर के रुख का स्वागत किया है। विश्लेषकों का मानना है कि कुशनर की बात इसलिए अहम है क्योंकि वे ट्रम्प प्रशासन की 'अब्राहम समझौते' वाली नीति के सूत्रधार रहे हैं। उनकी आलोचना दर्शाती है कि इस्राइल के सबसे करीबी सहयोगी माने जाने वाले अमेरिकी खेमे में भी मतभेद गहरा रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने हालिया यात्राओं में दो-राष्ट्र समाधान पर जोर दिया है, लेकिन नेतन्याहू सरकार इसे खारिज करती रही है। इस गतिरोध के बीच कुशनर का बयान अमेरिकी घरेलू राजनीति में भी असर डाल सकता है, जहां आगामी चुनावों में मध्य-पूर्व नीति बड़ा मुद्दा बन रही है। फिलहाल गाजा में संघर्ष जारी है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्धविराम की मांग तेज कर रहा है। कुशनर की टिप्पणी इस दबाव को और बढ़ा सकती है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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