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लद्दाख की गोल्ड मेडलिस्ट चुरपी: कैसे बनती है और क्यों खास है

9/9/2026, 3:58:15 pm
लद्दाख की गोल्ड मेडलिस्ट चुरपी: कैसे बनती है और क्यों खास है
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लद्दाख के ऊंचे पहाड़ों में एक खास चीज़ बनती है जिसे चुरपी कहते हैं। यह याक के दूध से तैयार होती है और हाल ही में एक स्थानीय परिवार ने इसे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल दिलाया। परिवार कई पीढ़ियों से इसी तरीके से चुरपी बनाता आ रहा है। सुबह जल्दी याक को दुहा जाता है और ताजा दूध को बड़े बर्तन में उबाला जाता है। फिर इसमें प्राकृतिक स्टार्टर कल्चर मिलाकर दूध को फटने दिया जाता है। दही जैसा मिश्रण बनने पर उसे कपड़े में बांधकर दबाया जाता है, जिससे अतिरिक्त पानी निकल जाए। दबे हुए पनीर को छोटे टुकड़ों में काटकर धूप में सुखाया जाता है। सूखने के बाद इन्हें लकड़ी के बक्सों में रखकर कई महीनों तक पकने दिया जाता है। इस दौरान चुरपी कठोर, सुगंधित और लंबे समय तक चलने वाली बन जाती है। परिवार के मुखिया ने बताया कि याक का दूध पहाड़ी घास और जड़ी‑बूटियों से समृद्ध होता है, जिससे चुरपी में प्रोटीन, कैल्शियम और आवश्यक फैटी एसिड भरपूर होते हैं। यही कारण है कि यह ऊंचाई पर रहने वाले लोगों का मुख्य पोषण स्रोत रही है। गोल्ड मेडल मिलने के बाद स्थानीय बाजार में मांग बढ़ी है। पर्यटक और शहरों के खरीदार अब इसे ऑनलाइन भी मंगवा रहे हैं। हालांकि जलवायु परिवर्तन और याक पालन की घटती संख्या चुनौती बनी हुई है। सरकारी योजनाएं और गैर‑सरकारी संगठन अब याक पालकों को प्रशिक्षण और विपणन सहायता दे रहे हैं, ताकि यह पारंपरिक उत्पाद विश्व स्तर पर पहचाना जाए। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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